album cover
Mehfooz
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Mehfooz è stato pubblicato il 30 giugno 2020 da Big Bang Records come parte dell'album 2014 - EP
30 giugno 2020
EtichettaBig Bang Records
LinguaHindi
BPM139
Melodicità
Acousticità
Valence
Ballabilità
Energia

Video musicale

Video musicale

Testi

[Verse 1]
बचपन से अपुन लोग ने हिफ़ाज़त में रखेले क्या?
अपने आप को अपने वैल्यूज़ को
अपने ज़िम्मेदारी के एहसास को
हर चीज को काबू में रखेले क्या?
सुनो
[Verse 2]
फुकट लोग की भीड़ है
मैं भी पिसते जारहा
तुम भी सेहरे
मतलब की है दुनिया
मतलब हो गया तोह चलते रेह्रे
दर्जनो से खाए धोके
सेकडो में दुआ है रे
अच्छे पल का फोटो फ्रेम है
आने वाले कल को अहमियत देरे
बीते सारे पल को
छाटू मैं बाटू मैं
फ़ायदा का नफ़ा लू
नुकसान को हटा दू
बेस्ट फ्रेंड ने दगा दिया
दुश्मन की लगा दू
कायदे कानून मे
रात भर मैं जगा तोह
आँख खुली नून में
Pass ka tha certificate
स्कूल खुली जून में
टीचर्स नाराज़ मुझसे
ब्लैकलिस्टेड लास्ट बेंचर
काम मेरा सिर्फ गुलते
याद रखते लोग भूलते
नहीं भूलते पोल खोलते
[Verse 3]
नहीं डरता किस्से मैं रहता सुखी
चिंगारी से लेकर ज्वालामुखी
शर्मिंदा वो हो जो सब कर चुके
डैडी का कभी भी सर ना झुके
इसलिए सीमा है
माना कि जीना है
लेकिन तबाही से बचना ज़रूरी है
वादों में पक्के तोह गर्लफ्रेंड से दूरी है
थोड़ी ये डिग्निटी थोड़ी मजबूरी है
कुर्बान अरमान मन मारे रोज़े से
कई साल मिसाल है
[Verse 4]
समझदार है संभाल जारे
कम होशियार है जो फिसल जा रे वो
जोश मे है तोह होश यहा दे तू
बॉस में है धिगोसला दे तू
नन्ही सी छिदयां
और घोसले मे तू
हौसले में
रह फ़ासले में
हापा बहुत
चल साँस ले बे तू
धापा बहुत और कापा बहुत
हौका था बहुत औकात में
कित्ता कमाया कित्ता गवाया
एहसास में
अंदाज़ मेरा
लाज़मी है
साज़ में मैं
आसमान पे
सातवे
दोस्त लोग है
साथ में
साथ मेरे भाई लोग
Ek log wo log
साथ मेरे ये लोग वो लोग
तुम लोग सब लोग
आस में किचन खोलो
गीत मेरे डिशेस
टेस्ट मेरा सोलो
बहती गंगा हाइप
हाथ अपने धोलो
भाषण पुराना
बंद करने बोलो
जीना सिर्फ एक बार
फुल मैं तोह योलो
समझ में आरेला है
फिर भी मैं अनजान
बनते जारेला हू
बढ़ते जारेला हूं
जीवन का बोझ लेके
ढलते जारेला हूं
चलते जारेला हू
हरकतें फिर से
मैं करते जारेला हु
सफलता की सीढ़ी
मैं चढ़ते जारेला हूं
लड़ते जारेला हु
रुकवतो से
मैं भिड़ते जा रेला हूं
ठोकर से मज़बूत
बनते जारेला हू
नगमे गारेला हु
मैं क़स्मे खा रेला हु
[Verse 5]
मसले सदा रहते हल करु चीज़े
रास्ते जुदा छाव पेड़ के नीचे
राहत की सांसें
आफत के बाद
चाहत कला से
रस्मे रिवाज
सपनों को सच करु मस्त मेरा लक
गुम मेरे जश्न में
स्पष्ट मेरा लक्ष्य
स्पॉन्सर्स को डक करु
Rappers ko shut
बेहतर अलग करू
मेहनत मुशक्कत
बेकार से दूर रहता खुदसे करीब
खुदसे अमीर बना
खुदसे गरीब
बचपन से छप्पन तक
बिलकुल शरीफ़
पुरवज के लक्षण पर नियत रही
महफ़ूज़, वैल्यूज़, मैं दूसरे
दुनिया का नहीं हु
पहलू कई है
नहीं मैं चलू
महंगा माल हू
फिर चल दो अभी, क्या?
Written by: Anirudh Sharma, Naezy
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