album cover
Warning
53 932
Regional Indian
Utwór Warning został wydany 3 kwietnia 2024 przez Gem Tunes jako część albumu Warning - Single
album cover
Najpopularniejszy
Ostatnie 7 dni
00:20 - 00:25
Warning był najczęściej odkrywanym utworem w czasie około 20 sekundy do w ciągu ostatniego tygodnia
00:00
00:05
00:15
00:20
00:35
00:50
01:00
01:15
01:20
01:40
01:50
02:00
02:10
02:15
02:25
02:45
00:00
02:56

Tekst Utworu

[Verse 1]
मेरे प्यार तै भी भुंडा मेरा बैर छोरी रै
तेरा आगला कै फूँक दूँगा शहर छोरी रै
एक हाथ म्ह बंदूक, एक हाथ म्ह शराब
तेरे शहर ताईं गोली राखूँ, तेरे तई गुलाब
जो उछलै सै घणे, धरती म्ह गाड़ द्यूँ
दे कै काळजे म्ह हाथ, मैं प्राण काढ द्यूँ
सोचियो भी ना कि छोरा एकेला रहवै
मैं एकेला ही कईयाँ की रै गाँ- फाड़ द्यूँ
मेरी बाताँ का जवाब बोल कौन देवैगा?
मेरी लोहे जिसी छाती खोल कौन देवैगा?
मन्नै एक बार छेड़ कै रै सोचियो भी ना
के राताँ नै यो छोरा फिर सोण देवैगा?
छोरा 'कल्ला आ कै बड़ी अलबाद करैगा
तेरे शहर की जवानी आधो-आध करैगा
ना सोचियो लड़ाई छोटी-मोटी होवैगी
तेरे पाछै सारा सौदा बरबाद करैगा
[Verse 2]
मेरी जान, मेरी गेळ Khabbi seat पै रहवै
दिमाग मेरा हर time heat पै रहवै
बदनाम मेरा नाम पहले दिन तै ही रै
राखूँ हाथ म्ह जो peg, जमा neat के रहवैं
गुड़गाँमे तै चालै गाड़ी, पहुँचगी Mohali
सीधा धरया करूँ रहपटा, ना दिया करूँ गाली
जे जानना तो चाहवै फेर time काढ तूँ
मन्नै मिल कै तो देख, तेरा बहम काढ द्यूँ
छोटी-सी उमर म्ह रै माँ ना रही
थी धूप घणी, सिर पै रै छाँ ना रही
औक़ात तै भी घणा मेरा करया बापू नै
कदे किसी चीज़ तै भी "ना" ना कही
भोला बाबा मेरा सगा, बाक़ी कोई कोनी रै
तक़दीर मेरी गेळ कदे होई कोनी रै
मन्नै मार कै नै सोए रोज़ मेरे अपणे
मौत आई घणी बार, मेरी होई कोनी रै
[Verse 3]
मार-मार रैपटे रै बोदा करैगा
ईब मौत गैल्याँ, ज़िंदगी का सौदा करैगा
मेरा हक़ खाए बैठे जो भी सुण लियो रै
छोरा बारी-बारी सब नै कोढ़ा करैगा
मेरी गेळ, मेरे भाई, छोरे जाट के रहवैं
रै, यो Roahd का भी छोरा पक्की बात पै रहवै
कुछ कुत्ते-बिल्ले भौंकणे की बाट म्ह रहवैं
देख थारे हाँ जमाई, जमा ठाठ म्ह रहवैं
रै, तू selfish घणा, रिश्त्याँ नै तोल दे
जो भीतर म्ह तेरे सारे राज़ खोल दे
बाक़ी तो कसर कोई छोड़ी कोनी रै
चल, एक बार आ कै मन्नै "पापा" बोल दे
Addi नाम की ही, बेटे, तेरै खाज रहवै है
म्हारी रोज़ की ही नई अलबाद रहवै है
म्हारी महफ़िलाँ तैं लात मार कै काढे गए हो
तू आजकाल जिन नै उस्ताद कहवै है
Written by: Addi Kalyan
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...