album cover
Chamak
10
Indian
Chamak foi lançado em 27 de outubro de 2023 por Artiste First como parte do álbum Chamak - Single
album cover
Data de lançamento27 de outubro de 2023
EditoraArtiste First
IdiomaHindi
Melodicidade
Acústica
Valência
Dançabilidade
Energia
BPM84

Vídeo de música

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Créditos

PERFORMING ARTISTS
UMX
UMX
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Umar Mukhtar Imam
Umar Mukhtar Imam
Songwriter
Abhishek Bhatt
Abhishek Bhatt
Songwriter

Letra

La la la la la la
La la la la la la la la
वो पूछें मुझसे कौन सही, कौन गलत?
अब रिश्तेदारों की बातों से पड़े नहीं फरक
फिर बोलू इनको सलामालिकुम
ये कहते वालेकुमस्सलाम
कितना लड़का कड़क
फटे लगे चमक
वो पूछें मुझसे कौन सही, कौन गलत
अब रिश्तेदारों की बातों से पड़े नहीं फ़रक
फिर बोलू इनको सलामालिकुम
ये कहते वालेकुमस्सलाम
कितना लड़का कड़क
फटे लगे चमक
ये पीठ पीछे बाप को कहते हैं बेटा कलंक
पर बेटा इतना ऊपर तेरे बेटे से कि मरहम
उनकी जो सुनते जो ना सुनते करके रखता गरम
पर अब लगता है मैं क़ुर्बान भी सकता नहीं कर अब
बस ज़िंदा दिल अभी हम
और दुश्मन जड़ रहे हैं मर अब
हम लेके जारहे वन अप
अहद से लेके अब खराब
अब बजते गाने हर नगर
और नज़र रखी है फ़लक पे
मेरी तरफ़ वो नज़र दे
हरफ लिख रखे क़लब पे
वो पूछें मुझसे कौन सही, कौन गलत
अब रिश्तेदारों की बातों से पड़े नहीं फ़रक
फिर बोलू इनको सलामालिकुम
ये कहते वालेकुमस्सलाम
कितना लड़का कड़क
फटे लगे चमक
वो पूछें मुझसे कौन सही, कौन गलत
अब रिश्तेदारों की बातों से पड़े नहीं फ़रक
फिर बोलू इनको सलामालिकुम
ये कहते वालेकुमस्सलाम
कितना लड़का कड़क
फटे लगे चमक
इतना बोझ काफी दिल पे मेरे
दिल को दू आज़ादी
कोई सुनना भी ना चाहता
तोह फिर मंज़िल खोजता भी
ज़मीन को नोचता भी
कभी इनको पूछता था
अब खून पोछता नि
असूल था'ठोलता नी
अब हाथ मैं खोलता नी
और कान में शोर पानी का
कोई नाव तक पहुँचता नी
उस घाव को होश था नी
अब गाऊँ जो मोश हानि करक
कंधों पे बोझ था नी
अब इतना रैप करता के लगता शहर नी भारी
मैं बाहर से इतना कूल पर अंदर बंबारी
वो बोलें बार्स सिक ऐस फक
उन सबको ज़ुकाम
मैं बैठा सातवीं मंज़िल पे
नज़र डालु तोह क्या
पर खुदा हर जगह मदद करता है
कर इंतज़ार
मैं इनसे दूर बहुत ज़्यादा
बीन सुनु भी ना
अब धुआँ दिखे हर जगह क्यों?
Woah
मैं करता इनसे बेहतर जादू
Yah
वो रोते कभी मैं गादू
मैं गाके रोशनी फैला दू
चमके हाथ तोह मैं जादूगर
मैं नहीं हूं बेकाबू पर
खुदपे पन्ने सजा दुन तोह
खुदको क्या मैं सज़ा दूँ पर
चमके हाथ तोह मैं जादूगर
मैं नहीं हूं बेकाबू पर
खुदपे पन्ने सजा दुन तोह
खुदको क्या मैं सज़ा दूँ पर
वह पूछे मुझसे कौन सही, कौन गलत
अब रिश्तेदारों की बातों से पड़े नहीं फ़रक
फिर बोलू इनको सलामालिकुम
ये कहते वालेकुमस्सलाम
कितना लड़का कड़क
फटे लगे चमक
वो पूछें मुझसे कौन सही, कौन गलत
अब रिश्तेदारों की बातों से पड़े नहीं फ़रक
फिर बोलू इनको सलामालिकुम
ये कहते वालेकुमस्सलाम
कितना लड़का कड़क
फटे लगे चमक
Written by: Abhishek Bhatt, Umar Mukhtar Imam
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