album cover
Aksar (From "Wholeheartedly")
522
R&B/Soul
Aksar (From "Wholeheartedly") was released on January 28, 2024 by Bantai Studio as a part of the album Aksar (From "Wholeheartedly") - Single
album cover
Release DateJanuary 28, 2024
LabelBantai Studio
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM101

Credits

PERFORMING ARTISTS
Emiway Bantai
Emiway Bantai
Performer
The Rish
The Rish
Performer
COMPOSITION & LYRICS
The Rish
The Rish
Songwriter
Mohd Bilal Shaikh
Mohd Bilal Shaikh
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
AAKASH
AAKASH
Producer

Lyrics

Hmm, hmm
Hmm, hmm
Hmm, hmm
मेरी आंखों में जो दर्द मैं छुपाता, तूने देखा नही क्या? (Uhmm)
मेरे कहने पे निशाना जो लगाया तूने, लगा नही क्या? (Uhmm)
आंखों पे लगा जो पहरा (Uhhh)
तू ना हो मैं गिरा जो गहरा (Uhhh)
उतरा है, उतरा जो तेरा ये चेहरा (Uhhh)
होता ये अक्सर, होता ये अक्सर
पता तो है ना तुझे, पता तो है ना?
Hmmm, आंखों में देखने की कोशिश ना कर
(देखने की कोशिश ना कर)
पल जो मिले है, वो रहेंगे ना कल
पुरानी इन यादों में रहने की कोशिश ना कर
(रहने की कोशिश ना कर)
नही बोला कभी मेरे लिए, हर बार ताने तूने दिए
लेकिन मैने सहके लिया (सहके लिया)
गलतियां तो छोटी-मोटी होती रहती
तू तो रोती रहती हर बातो पे, कैसी है तू, देख लिया (देख लिया)
तू बस चाहती है, मैं जीयूं तेरे वश में
छोड़ दूं सभी को, ना रहूं मैं किस के touch में (Touch में)
जैसी लगी तू हालांकि वैसी नही है तू
धीरे-धीरे आने लगा है मुझे समझ में
अक्सर ही अक्सर, अब रुकता हूं अक्षर में
कलम को पकड़के कसकर
भारी पड़ जाता मैं सब पर
हां, हल्के में लेना मुझे अब तू बस कर (बस कर)
आंखों में देखने की कोशिश ना कर (Yo)
वापस नहीं जीने मिलेंगे वो पल (हां)
यादों में जीने की कोशिश ना कर
मुसाफ़िर मैं कर रहा सफर
मेरी आंखों में जो दर्द मैं छुपाता, तूने देखा नही क्या? (Uhhh)
मेरे कहने पे निशाना जो लगाया तूने, लगा नही क्या? (Uhmm)
आंखों पे लगा जो पहरा (Uhhhh, unh, aye)
तू ना हो मैं गिरा जो गहरा (Uhhh, aye)
उतरा है, उतरा जो तेरा ये चेहरा (Uhhh, ssshh)
होता ये अक्सर, होता ये अक्सर
पता तो है ना तुझे, पता तो है ना?
गहरा, तू ना हो मैं गिरा जो– (Hey, heya)
आंखों पे लगा जो पहरा (हां-हां)
होता ये अक्सर, होता ये अक्सर
Written by: Mohd Bilal Shaikh, Rishab Kant
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