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Bismil (From "Haider")
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Bollywood
Bismil (From "Haider") was released on February 4, 2015 by Times Music as a part of the album Filmfare Awards Winners!
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Music Video

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Credits

PERFORMING ARTISTS
Sukhwinder Singh
Sukhwinder Singh
Performer
Shahid Kapoor
Shahid Kapoor
Actor
COMPOSITION & LYRICS
Vishal Bhardwaj
Vishal Bhardwaj
Composer

Lyrics

बिस्मिल बिस्मिल बुलबुल-ए-बिस्मिल (बिस्मिल.)
मत मिल मत मिल गुल से मत मिल (मत मिल.)
ऐ बिसमिल बिसमिल बुलबुल-ए-बिसमिल
मत मिल, मत मिल गुल से मत मिल
बिस्मिल बिस्मिल बुल्बुल-ए-बिस्मिल
ऐ दिल-ए-बुलबुल बुलबुल-ए-बिस्मिल
मुश्किल-ए-दिल भी मुश्किल होती हैं
दिल धड़के दिल दिल धड़के तोह.
दिल धड़के दिल दिल धड़के तोह
धड़कन-ए-दिल भी हरक़त-ए-दिल होती हैं
खुशबूएँ गुल में, इश्क भरा है
मत मिल मत मिल गुल से मत मिल
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
मत मिल मत मिल गुल से मत मिल
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
Ha ha. hey ha...
हो. सुनले ज़माना समझाता हूं
तेरी कहानी दोहराता हूं
ऐ दिल-ए-बुलबुल बुलबुल-ए-बिस्मिल
ऐ दिल-ए-बुलबुल बुलबुल-ए-बिस्मिल
इक जोड़ा था नर-मादा का
भोली थी बुलबुल, नर सादा था
इक जोड़ा था नर-मादा का
भोली थी बुलबुल, नर सादा था
बर्फ़ गिरा करती थी
जब भर जाती थी कोहसारों में
इक बाज़ बड़ा बदनीयत था
हाँ इक बाज़ बड़ा बदनियत था
उड़ता था, सब्ज़-ज़ारों में
पंखों में उसके मौत छुपी थी
(कोहसार: माउंटेंस, सब्ज़ा-ज़ारोँ: डेज़र्ट)
महफिल महफिल ढूँढ रहा था
महलों की मंज़िल
महफिल महफिल ढूँढ रहा था
महलों की मंज़िल
बुलबुल के ख्वाबों में जाकर
ज़हर के डंक लगाए थे
खुशबू-ए-गुल में ज़हर भरा
और मादा को भिजवाए थे
ज़हर के डंक लगाए थे
(बुलबुल के ख्वाबों में जाकर)
मादा को भिजवाए थे
ज़हर के डंक लगाए थे
ओ ओ. वादी में छिड़का बारूद
झील में जाल बिछा डाले
छुरियों से बेचारे नर के
छुरियों से बेचारे नर के
दोनों पंख कटा डाले
अरे दिल दिल दिल दिल झूठ कहे ये
झूठ कहे बुज़दिल
मत मिल मत मिल गुल से मत मिल
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
ज़ख्मी नर को क़ैद किया (क़ैद किया, क़ैद किया)
ज़ंजीरों में बंधवाया
अरणमुला के श्री पुल से
फिर पानी में फिकवाया
झेलम. झेलम.
लाल लाल हुआ
लाल लाल हुआ
लाल लाल हुआ लाल
झेलम. झेलम.
लाल लाल हुआ
लाल लाल हुआ
लाल लाल हुआ लाल
झेलम झेलम नदी
कश्मीर के पानी की तासीरें
खुल गई ज़ंजीरें तक़दीरें
ज़िंदा है वो ज़िंदा होगा
मुजरिम भी शर्मिंदा होगा
ज़िंदा है वो ज़िंदा होगा
मुजरिम भी शर्मिंदा होगा
ज़िंदा है वो ज़िंदा होगा
मुजरिम भी शर्मिंदा होगा
होश में आ जा
होश में आ जा
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
खुशबू-ए-गुल में ज़हर भरा है
होश में आ जा, होश में आ जा
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
होश में आ जा
होश में आ जा
ऐ बुलबुल-ए-बिस्मिल
Written by: Vishal Bhardwaj
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