album cover
Chhat
8
Alternative
Chhat wurde am 23. Juli 2021 von Big Scratch als Teil des Albums Chhat - Single veröffentlicht
album cover
Veröffentlichungsdatum23. Juli 2021
LabelBig Scratch
LanguageHindi
Melodizität
Akustizität
Valence
Tanzbarkeit
Energie
BPM77

Musikvideo

Musikvideo

Credits

PERFORMING ARTISTS
Big Scratch
Big Scratch
Vocals
COMPOSITION & LYRICS
Arnab Chakraborty
Arnab Chakraborty
Songwriter
Big Scratch
Big Scratch
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Big Scratch (Copyright Control)
Big Scratch (Copyright Control)
Editing Engineer
Pink
Pink
Producer

Songtexte

I've been losing all my pieces
Broken broken
टूटे हिस्से कौन संवारें?
कौन संवारें?
मिलु मैं रोज़, लोगो से सभी के अलग है राज़
अलग है सोच, और अलग है सभी के दिलों की बात
किसी पे बोझ है भारी तोह किसी के होठों पे हसी है आज
पसीने बहुत है किसीपे, किसी का चेहरा बहुत ही साफ़
कोई है तंग वो लड़ आया बंदी से अपने अब सुट्टे लगा रहा
कोइ बेरंग सी ज़िंदगी भुलाने मेरे से मिलने है आ रहा
खोए हुए रंग को आज के शाम में बिचारा ढूंढे ही जा रहा
कल आया था वो जिसे नफरत थी खुदसे पर आज वो नज़रें मिला रहा
कदमें उठा रहा वह भी जो 24 ओ घंटे रहता दबा पैरों के तले
सोचे भी कैसे वो गैरों का भले?
मैं कहता तू सही है तू बस अपना देख ले, लोग इधर ज़ालिम है बड़े
आँखें हैं नम, वो सुन रहा सब, पर शायद वो सुनना नहीं चाहता
दबे हुए रहने की शायद अब आदत सी है, उसे उड़ना नहीं आता
आया था वो भी जो खुल नहीं पाता
वो रहता खामोश, लेकिन अफ़सोस
मैं पढ़ लेता सोच तोह नहीं है सन्नाटा
हीज़ फ़ीलिंग सो लॉस्ट, है ख़ुद के ही खोज पे
एंड व्हाइल ही डज़ इट वह सबको गँवा रहा
ऐंट नोबडी क्लोज, वो ख़ुद का सहारा
अब ख़ुदको भी खोना नि चाहता
I've been losing all my pieces
Broken broken
टूटे हिस्से कौन संवारें?
कौन संवारें?
मिलु मैं रोज़, लोगो से सभी के अलग है राज़
अलग है सोच, और अलग है सभी के दिलों की बात
काफी खयाल, सभी के दिलों में काफी सवाल
मैं बस एक छत, होता ज़बान तोह लेता संभाल
दिल करे मेरा हल निकाल दू, कंधों से इनके कफन गिरादू
ज़ख्मी तोह आते हैं हद्द से ज़्यादा
चोटों पे इनके मरहम लगा दू?
ज़ख्मों के पीछे है फ़लसफ़ा क्यूं?
इसी कशमकश में क्यूं हु मैं फसा?
मैं तोह रब हर सुबह हु लड़ता आया
कि वो हँसता कैसे यहां जंग है चालू जब?
मेरी चलती तोह पर ले आता, टूटे परिंदो के पंख बनाता
फिरें दर-ब-दर जो उसे घर ले जाता
जो भी हारा आशिक अपने आसु रोके
दम घुट्टा उसका, वो तोह रोना चाहता
उसे रोने देता, फिर ही दिल बहलाता
किसे डर है कि अपनो को खो ना दे?
उसे मैं माँ के बारे में भी ख़ुद सिखाता पर
आता वो रोज़, और किस्से भी ले आता नए रोज़ाना
मैं बस एक छत, मैं सुनता हु सब, ये उसको बताना
ये सब उसके हिस्से, मैं मिला इन सबसे, मेरा रिश्ता पुराना
ये सब उसके हिस्से, मैं मिला इन सबसे, वो अब्भी बेगाना
I've been losing all my pieces
Broken broken
टूटे हिस्से कौन संवारें?
कौन संवारें?
Written by: Arnab Chakraborty, Big Scratch
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