album cover
Bohot Sahi (feat. KR$NA)
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Bohot Sahi (feat. KR$NA) wurde am 22. Januar 2021 von Kalamkaar als Teil des Albums Bohot Sahi - EP veröffentlicht
22. Januar 2021
LabelKalamkaar
SpracheHindi
BPM72
Melodizität
Akustizität
Valence
Tanzbarkeit
Energie

Musikvideo

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Songtexte

येह, रातों को जाग कर मेहनत जो करता
वो ज़िंदगी मेरी मज़ाक नहीं
रुकते ना आँधी के आने से
सरफिरे लड़के जो आदत से बाज़ नहीं
दिक्कतें काफी है, देखी है धूप तो झेले हैं मैंने बरसात कई
बातों से मानें ना लोग तोह छोड़े है फूसे और मारे है लात कई
ये वो खानदानी स्टाइल
बाप जैसा बेटा, मैं रुकता नहीं भाई
गाता जहाँ पर मैं थूकता नहीं भाई
हक़ का हूं खाता मैं लूटता नहीं भाई
साथ दिया जिसने भी भूलता नहीं भाई
औरों के बिच ज्यादा खुलता नहीं भाई
कच्चा मैं अपने उसूल का नहीं भाई
हूं मैं गिरता डेली क्योंकि रोज़ करूँ ट्राई, येह
अजीब सी ये तलब है
बरकत ना मिलती तोह होती ये तड़प है
बहुत सारे कहते थे रस्ता ये गलत है
सुनी बस खुदकी अब छू लेना फ़लक है
जीता तोह स्वर्ग, और हारा तो नरक है
तेरी जला के लगाते ये बरफ है
रास्ते में आते थे लोग भी तोह काफी
पर माफ़ किया तुझको तो माँ की ये झलक है, उह
रोज़ करूँ काम, रोज़ बड़े दाम
रोज बड़ा नाम, रैप सुबह शाम
सोच ना ये आम, कोई ना लगाम
कैंची ज़ुबान सबको सलाम
जो भी है सातों ही हैं भाई लोग भी सारे है काम में माहिर
बनाते महफिल जहाँ होते शामिल
लिखावट ऐसी, ना है सबको हासिल
भरे पन्ने ऐसे होए सब मुनासिर हाँ
अब करते हैं जो मज़ी, कमाते हैं पैसे तोह
लगती है ज़िंदगी, बहुत सही, बहुत सही
लगती है ज़िंदगी, बहुत सही, बहुत सही
रुकने का हमें कोई शौक नहीं, शौक नहीं
लगती है ज़िंदगी, बहुत सही, बहुत सही
लगती है ज़िंदगी बहुत सही, बहुत सही
लिया मैंने कोई लॉस नहीं
अब लिखूं जब वर्स भी, हिलती है धरती
रैपर जो फ़र्ज़ी है खौफ में ही
मेरे शहर में लौंडे हैं सॉफ्ट नहीं
स्विंगिंग दैट आयरन, ये गोल्फ़ नहीं
कृष्ण जब आया, तोह बीफ का सफाया
गौ रक्षकों के पास जॉब नहीं
किल किया तब, मैंने किल किया आज
जब दिल किया, भैया मैंने किल किया साँप
मेरे विल की है बात, हासिल किया ताज
यू डोंट रियली वांट स्मोक खोल दो खिड़कियां आज
शैतान देखो पीठ पे सवार
असली में हार्ड तू स्ट्रीट में सवाल
वीक है ना बार्ज़ ये जीते ना चल
गांधी के विचार, पर बीट पे जवाहर
बाकी जब जान, तोह वाकई में शान
असली जम काम तोह सुनती अवाम
तरक्की पे ध्यान है तोह सबको सलाम
पर वार के तूफ़ान में ये कलम भी अब्दुल कलाम
आई कॉल इट कैलेमिटी, हाँ
इनका फैन बेस बनावटी, हाँ
इनका तोह स्टाइल है कॉमेडी, हाँ
हाँ, क्वांटिटी है पर क्वालिटी कहां
मैं तोह यहां ऑलरेडी था
उमर जब सोला थी, दो रे मी फ़ा
कोलकाता शहर में जे ट्रिक्स है दोस्त
बाकी तोह मेरा वहाँ कोई ना मित्र
Raising the bar, blazing a path
हसल थी रियल मेरी मैं तो कभी लेज़ी ना था
मैं तो बर्स का गुलाम पर क़ैदी ना था
खुले आम ले लूँ जान, दे दो मेरी सज़ा
अब करते हैं जो मज़ी, कमाते हैं पैसे तोह
लगती है ज़िंदगी, बहुत सही, बहुत सही
लगती है ज़िंदगी, बहुत सही, बहुत सही
रुकने का हमें कोई शौक नहीं, शौक नहीं
लगती है ज़िंदगी, बहुत सही, बहुत सही
लगती है ज़िंदगी, बहुत सही
Written by: J Trix, KR$NA, SubSpace
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