album cover
Stuck
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Stuck κυκλοφόρησε στις 30 Σεπτεμβρίου 2023 από Manan ως μέρος του άλμπουμ Stuck - Single
ΆλμπουμStuck - Single
30 Σεπτεμβρίου 2023
ΕτικέταManan
ΓλώσσαΧίντι
BPM
Μελωδικότητα
Ακουστικότητα
Βαλάνς
Χορευτικότητα
Ενέργεια

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Στίχοι

(ओओओओओ) पूछता हूं खुदसे होंगी जन्नतें नसीब क्या
या पड़े करना घिस कर भी कल पर यकीन क्या
मेरी जो बीती बातें, उन्हीं से गीत आते
खयालों की जो मेहनत, पाऊँ कुछ कभी तोह क्या?
पूछता हूँ ख़ुदसे होंगी जन्नतें नसीब क्या
या पड़े करना घिस कर भी कल पर यकीन क्या
मेरी जो बीती बातें, उन्हीं से गीत आते
खयालों की जो मेहनत, पाऊँ कुछ कभी तोह क्या?
बस हूँ जाता दूर, इंसान है करीब क्या?
आसान असल ज़िंदगी, जीना है ये राज़ क्या?
जैसे मेरे दुनिया में होंगे कोई और क्या?
हल्का ये तोह भाने लगा दुख वाला दौर क्या?
नियम ये तोह गलत
खुशी को खाली पकड़ें क्या?
ख्याल कितना छोटा, लगता सीधा खंजर
बीमारी जैसे फैले, दिमाग के ये अंदर
धीरे धीरे हुआ पागल, बिना कोई कदर
करदी ये तोह गलती मैंने देखने का सपना
काफी ये तोह ऊपर, है पहुँचने का सपना
कोने में मैं देखू, सबके अपने सपने क्या?
खयाल मन में दूसरों का ही मेरी कहानी क्या?
पूछता हूँ ख़ुदसे होंगी जन्नतें नसीब क्या
या पड़े करना घिस कर भी कल पर यकीन क्या
मेरी जो बीती बातें, उन्हीं से गीत आते
खयालों की जो मेहनत, पाऊँ कुछ कभी तोह क्या?
पूछता हूँ ख़ुदसे होंगी जन्नतें नसीब क्या
या पड़े करना घिस कर भी कल पर यकीन क्या
मेरी जो बीती बातें, उन्हीं से गीत आते
खयालों की जो मेहनत, पाऊँ कुछ कभी तोह क्या?
क्यूं हर जगह हर घड़ी ढूंढता तू घर?
क्यूं जीता अंदर भूत के, तू छोड़ अगर मगर
आगे का ना सोच, जाए उमर सारी
सही वक्त आने पर अब पूरी होंगी ये कहानी
जो जीते हैं बस आज में
अति करते मान से
बनो मतलबी, सही
बुरा भाई कुछ नहीं
बंद कर अपनी आँखें
तैरते हैं झरने तक
देख कैसे तरस रहा बंदा आने 'स्टक' (स्टक)
ज़रा मिल ले उससे, तेरा ही तोह है घर
धीरे धीरे दूर साथ करते अपना डर
(ऊऊऊऊ)पूछता हूं खुदसे होंगी जन्नतें नसीब क्या
या पड़े करना घिस कर भी कल पर यकीन क्या
मेरी जो बीती बातें, उन्हीं से गीत आते
खयालों की जो मेहनत, पाऊँ कुछ कभी तोह क्या?
पूछता हूँ ख़ुदसे होंगी जन्नतें नसीब क्या
या पड़े करना घिस कर भी कल पर यकीन क्या
मेरी जो बीती बातें, उन्हीं से गीत आते
खयालों की जो मेहनत, पाऊँ कुछ कभी तोह क्या?
Written by: Manan Jain
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