album cover
Bematlab
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Bematlab κυκλοφόρησε στις 1 Μαΐου 2024 από Asim Azhar ως μέρος του άλμπουμ BEMATLAB
ΆλμπουμBEMATLAB
1 Μαΐου 2024
ΕτικέταAsim Azhar
ΓλώσσαΧίντι
BPM96
Μελωδικότητα
Ακουστικότητα
Βαλάνς
Χορευτικότητα
Ενέργεια

Στίχοι

बेमतलब हुई, हमारी ज़िंदगी
बेमतलब हुई, है सारी बंदगी
किवें समझावां तैनू
इश्क दा रोग ऐ मेनु
किवें समझावां तैनू
इश्क दा रोग ऐ मेनु
ज़ेहमत ही सही क्या ऐसी बेरुखी
मुझको ऐसी ना सज़ा दे
अपने बिन जीना सिखा दे
यादें सारी पल में जला दे
खोया हूं मैं घर का पता दे
हिजर के ये पल गुज़रने को राज़ी नयी
दिल मै बेदिली है बेचैनी खाती रही
खुशबूएँ हैं तेरी नज़र क्यूं तू आती नयी
दिल के बाग़ में अब कोयले भी गाती नहीं
तेरे पीछे मैं दीवाना इक ज़माने से
इक जमाना मुझपे गुज़रा तेरे जाने से
रवानी नयी है साँस में डूबा हूं जैसे पानी में
मुझे शोर नहीं चाहिए गहराइयों में जाने दे
अब मुझपे जो गुज़र रही
तुम्हें तो कोई खबर नयी
तेरे तरीके ही करें बेनाक़ाब तुझे
दिल ए बेताब करें बेज़ार मुझे
दिल अब बंजर कोई ज़िंदा शजर नयी
चाँद यार ही अब दिखें मेरे साथ मुझे
पढ़ें ज़ेहन मेरा समझ के किताब मुझे
कहती हो मुझे बस जी और आप तुम
पहाड़ों के बीच छुपा एक तालाब तुम
मेरी महफ़िलों की रौनक़ और अदब तुम
अगर मैं मौसिकी हूं तोह फिर रबाब तुम
अब तू भी है अकेली एंड आई नो
तेरी कुल मिला के सहेलियां दो
Fake smile but the pain still shows
तू चुप रहे वेयर यू कुड लेट इट गो
बेकरारी है
रात भारी है
चैन ना मिले कहीं पल भर
रोग ये तेरा
हम पे तारी है
छा रही है दिल मै हलचल
वेखां मैं तेरियां रावां
उठ दे क्यूं डिगदा जावां
वेखां मैं तेरियां रावां
तेरे वल मैं तुरदा जावां
बेमतलब हुई हमारी बेखुदी
मुझको ऐसी ना सज़ा दे
अपने बिन जीना सिखा दे
यादें सारी पल में जला दे
खोया हूं मैं घर का पता दे
Written by: Asim Azhar, Hassan Ali, Talha Anjum
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