album cover
Backflip
1.144
Indian
Backflip κυκλοφόρησε στις 21 Απριλίου 2022 από Gaurav Pal ως μέρος του άλμπουμ Backflip - Single
album cover
ΆλμπουμBackflip - Single
Ημερομηνία κυκλοφορίας21 Απριλίου 2022
ΕτικέταGaurav Pal
LanguageHindi
Μελωδικότητα
Ακουστικότητα
Βαλάνς
Χορευτικότητα
Ενέργεια
BPM80

Μουσικό βίντεο

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Συντελεστές

PERFORMING ARTISTS
Muhfaad
Muhfaad
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Muhfaad
Muhfaad
Composer

Στίχοι

तेरी खुशियां तों वढ कुछ होना नहीं
तू छड्ड जावे मैनू तां वी रोना नहीं
एक वारी दिलों कद्द दे तू मैनू
सौं तेरी मैनू मुड़ के वी आऊना नई
तेरी खुशियां तों वढ कुछ होना नहीं
तू छड्ड जावे मैनू तां वी रोना नहीं
एक वारी दिलों कद्द दे तू मैनू
सौं तेरी मैनू मुड़ के वी आऊना नई
तेरियां मैं राहवां नू तकदा
तस्वीरां नू मैं दिल च रखदा
सच्ची दस्सां दिल डरदा आ तेरे करके
लग जाए ना तैनू नज़र कित्ते मेरियाँ
तेरियां मैं राहवां नू तकदा
तस्वीरां नू मैं दिल च रखदा
सच्ची दस्सां दिल डरदा आ तेरे करके
लग जाए ना तैनू नज़र कित्ते मेरियाँ
आँसू पोंछ, शान्त दिमाग से सोच बैठ के
ऐसा भी क्या हो गया, तू ब्रेकअप कर रही है छत पे
मैंने किताबों में हिसाब कभी लिखा नहीं
प्यार था तभी एक्स की वैल्यू पता नई, लगे पड़े हैं मैक्स
भले मॉडल्स मेरी वीडियो में पर आंखों में है तू
मुझे जो चाहिए था ज़िंदगी से तू बिलकुल हूबहू
तुझसे बात करता हूं तो गवाही देती रूह
तू शौक ना मेरी आदत है, तू आज भी सुकून
तू ही गिना दे चल ग़लती मेरी लास्ट तक
म्यूजिक तुझसे ऊपर है, मैं ऊपर से हूं नास्तिक
बाय गॉड तू ऊपर वाले से ऊपर थी मेरे लिए
अंधा विश्वास नहीं थी, मुझसे ज़्यादा वास्तविक
तेरी खुशियां तों वढ कुछ होना नहीं
तू छड्ड जावे मैनू तां वी रोना नहीं
एक वारी दिलों कद्द दे तू मैनू
सौं तेरी मैनू मुड़ के वी आऊना नई
तेरी खुशियां तों वढ कुछ होना नहीं
तू छड्ड जावे मैनू तां वी रोना नहीं
एक वारी दिलों कद्द दे तू मैनू
सौं तेरी मैनू मुड़ के वी आऊना
बन जाते मसले हैं, मैं बनाता नइ
होता वही है, जो मैं चाहता नइ
खुश तो हैं साथ बस फ़रक है इतना
के तू है एक त्योहार, जो बेबी मैं मनाता नइ
रह ले औकात में दिमाग मेरे दिल से कहता
हाथ काँपते थे मेरे जब भी तुझपे लिखने बैठा
लिख डाला आज हर तारीफ़ों की ज़लालत में
वकालतें सुने भी कौन मोहब्बत की अदालत में
मुझे हराना या मुझे हारना चाहता है
देख आंखों में मेरी तो मुँह से झूठ निकल जाता है
ना सही, ना ग़लत, बस एक बेवज़ह की बहस में
हर बार तेरे प्यार का वजूद बिखर जाता है
बिन ग़लती गिल्टी, कितनी बार नहीं है गिनती
या मैं ब्लेस्ड हूं या क्रूस्ड, समझ नइ आता सीन है क्या
तू मांगे वक्त पर ये म्यूजिक मांगे ज़िंदगी
इसने काफी कुछ देके मुझसे काफी ज़्यादा छीन लिया
तेरी खुशियां तों वढ कुछ होना नहीं
तू छड्ड जावे मैनू तां वी रोना नहीं
एक वारी दिलों कद्द दे तू मैनू
सौं तेरी मैनू मुड़ के वी आऊना नई
Written by: Muhfaad
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