album cover
Epiphany
album cover
Epiphany fue publicado el 28 de febrero de 2022 por 2facebleed como parte del álbum Loner At Sunset
28 de febrero de 2022
Sello2facebleed
IdiomaHindi
BPM62
Melodicidad
Acústico
Valence
Bailabilidad
Energía

Letras

हाँ
मैंने बातें काफी की तेरी खिलाफ़ है
धूल चेहरे पर थी क्या आईना साफ़ है
रातों से सवारों तक जो पल बीतें खराब है
कैसे मैं मिलाऊँ आँखें चेहरे पे नाकाब है
अब लिखदूँ पन्नों पे जितना दर्द भी मैंने झेला था
तेरी मौजूदगी में मैं हारा और अकेला था
हर तरफ़ उजाला जाने फिर भी क्यूं अंधेरा था
जख्मों की ये दास्तान
पल में तुझ में बेह रहा था
लगे नक़ाब थे,
देखे थे २ चेहरे तेरे,
क्या असली क्या नकली कौन नसली
मैं तलसी में जलती हुई लकड़ी,
जो तकलीफ़ ना किसको भनक थी,
पर अंदर पनपती,अदब सी वो बस्ती,
जो बसने से पहले ही ध्वस्त थी,
अब दृष्टि मे दुस्त थी,
मैं डस्टी अब पहली बस में तेरे शहर
कि और बस कर के रुके नबज़ नी,
मैं ना समझा तुझे
दूसरो में ढूंढू जो भी तुझमे ना मिले
हाँ सहेंगे जितनी दूरी अब आगे ये बने
फिर भी हर राह ना जाने तुझ तक ही क्यूं चले
तेरे और मेरे में इतनी ही दूरी जितनी आसमान ज़मीन में,
मुझे आज़मा सही से,
सारा निचोड़ले मेरा वो रस और मेरी तू आंतड़े खींच ले,
और फिर भी ना चैन तोह कट के फेंकदे नील में,
पर सोचियो नींद में मर के मुंह से बस निकला आमीन है
और तेरे मुंह से मैंने सुनी तोहीन है मेरे लिए,
ली ऐसी फिरकी के होने होने लगे हम है सर फिरे,
तू कहती तू रोती यहां अश्क-ए-समंदर और तेरे
बस नल खुले,
अब पड़े ना कानों में कुछ बस नशे में बजने लगे
यह तुन तूने.
तू मर्ज़ी की मालिक
मैं बैठा मुंतज़िर
खुशनुमा चेहरा पर फिर भी तू अमिल
दिल के दरवाज़ों पर हम ठहरे क़ाफ़िर
ना डर ना ठिकाना हम भटके मुसाफिर
दुख दर्द सब बातें तू ही ना यहां पे
पलकों में रख दू मैं तुझको छुपा के
बिखरे इन अश्कों को अपना बनाले
साँसें बस चलती है तेरे सहारे
तूने ना समझा मुझे
दूसरों में ढूँढे जो भी मुझ में ना मिलें
हाँ सह लेंगे इन जख्मों को जो तूने ही दिए
फिर भी हर राह ना जाने तुझ तक ही क्यूं चले
Written by: Mark Bhatia, Niladri Chattopadyay
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