album cover
SAVERA
167
Pop
SAVERA fue lanzado el 6 de octubre de 2023 por Universal Music India Pvt Ltd. como parte del álbum SAVERA - Single
album cover
Fecha de lanzamiento6 de octubre de 2023
Sello discográficoUniversal Music India Pvt Ltd.
LanguageHindi
Melodía
Nivel de sonidos acústicos
Valence
Capacidad para bailar
Energía
BPM95

Créditos

ARTISTAS INTÉRPRETES
Samad Khan
Samad Khan
Voces
Bharath
Bharath
Intérprete
COMPOSICIÓN Y LETRA
Samad Khan
Samad Khan
Composición
PRODUCCIÓN E INGENIERÍA
Bharath
Bharath
Producción
Bhau
Bhau
Ingeniería de mezcla

Letra

सब सो गए हैं, हम क्यूँ जागे, क्यूँ रातें लंबी लागे
ख़्वाबों में क्या वो बात नहीं?
दिल के हों कैसे भी इरादे, हम पीछे-पीछे भागे
ऐसे भी मुश्किलात नहीं
चलो, थोड़ा परदे हटाओ, थोड़ी रोशनी तो लाओ
अपनी आँखों से देखो ज़रा
चलो, थोड़ा सैर पे जाओ, ज़रा घूम के आओ
तुम जाके तो देखो ज़रा
दुनिया है free की सवारी
जिसमें घूम के सर थोड़ा भारी-भारी लगने लगे
ग़म हैं बहुत दुनिया में
थोड़ी ख़ुशियों को तुम ज़रा बाँट के देखो ज़रा
होने लगेगा दिल में सवेरा
डरने की कोई बात नहीं
चाहे अब हो जाए अँधेरा
प्यार की कोई मात नहीं
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग-रे-सा)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे, सा-नि-ध-प-ग-प)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग-रे-सा)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे, सा-नि-ध-प-ग-प)
कभी ना समझा कोई
खाई है ठोकर कई
लगता था मुझको, अकेला हूँ मैं
पर थी पीछे ये दुनिया खड़ी
चल पड़ी मेरी साँसें, खुल गई आँखें
हाथों की अपनी लकीरें मिटा के
हाँ, लिख-लिख के भर दी है सारी किताबें
सपनों के शहर में बसता बना के
सवेरे में देखूँ मैं ख़्वाब
कि तू है अहद-ए-शबाब
बातें मैं जो कहने वाला हूँ
उसके तुम साथ में गाओ, जनाब
चलो, थोड़ा परदे हटाओ, थोड़ी रोशनी तो लाओ
अपनी आँखों से देखो ज़रा
चलो, थोड़ा सैर पे जाओ, ज़रा घूम के आओ
तुम जाके तो देखो ज़रा
दुनिया है free की सवारी
जिसमें घूम के सर थोड़ा भारी-भारी लगने लगे
ग़म हैं बहुत दुनिया में
थोड़ी ख़ुशियों को तुम ज़रा बाँट के देखो ज़रा
होने लगेगा दिल में सवेरा
डरने की कोई बात नहीं
चाहे अब हो जाए अँधेरा
प्यार की कोई मात नहीं
होने लगेगा दिल में सवेरा
डरने की कोई बात नहीं
चाहे अब हो जाए अँधेरा
प्यार की कोई मात नहीं
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग-रे-सा)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे, सा-नि-ध-प-ग-प)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग-रे-सा)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे, सा-नि-ध-प-ग-प)
(होने लगेगा दिल में सवेरा)
(चाहे अब हो जाए अँधेरा)
Written by: Samad Khan
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