album cover
Qubool
1
R&B/Soul
Qubool fue lanzado el 11 de marzo de 2024 por Perry Venus como parte del álbum Recovered
album cover
ÁlbumRecovered
Fecha de lanzamiento11 de marzo de 2024
Sello discográficoPerry Venus
LanguageHindi
Melodía
Nivel de sonidos acústicos
Valence
Capacidad para bailar
Energía
BPM184

Créditos

ARTISTAS INTÉRPRETES
Perry Venus
Perry Venus
Rap
COMPOSICIÓN Y LETRA
Perry Venus
Perry Venus
Autoría
PRODUCCIÓN E INGENIERÍA
Perry Venus
Perry Venus
Producción

Letra

उमर थी ग्यारह साल
हाथ में किताब और जेब में था माल
मैं भी कमाल था
नशे के वजहसे मच बवाल था
अंदर ही अंदर
खुदको मैं कोसता
कुत्तों के जैसा ही अब मैं हूं भौंक ता
कोई भी ना रोकता
रोक भी ना सकता
बुरा नहीं मैं सिर्फ बुरा मेरा वक्त था
आज भी ज़िंदा हू कैसे नहीं जानता
ख़ुद को ना समझ ता ना ख़ुद को जानता
ड्रग्स में ही शांत था
फिर भी ना मानता
क्या अच्छा क्या बुरा
जॉइंट के बिना
सब लगता है अधूरा
मैं भी ना भुला
वो कैसी थी रातें
फुटपाथ पे सिर फिर पुलिस का डर
तुम भी सब बोलते थे जाएगा तू मर
मेरी क्या भूल थी
एक कश में मेरी ये दुनिया जो झूलती
हा यही तो भूल थी
क्या करु मेरी तो गांड में भी चुल्ल थी
हा यही तो भूल थी
क़ुबूल ये मौत थी
क़ुबूल ये मौत थी
क़ुबूल ये मौत थी
Snap back
सीधा ट्वेंटी एटीन
ट्वेंटी सिक्स्थ मार्च जमा पूरी
वहां गैंग थी
Strength thi
अपने जो अंदर
Smoke crack
एंड पिया मैंने आज जम कर
बंध कर
ने का आया थॉट मेरे सिर में
खाने वाली बैठी
मेरे माँ मेरे घर में
और मैं
नशे में था डूबा
लगता है जैसे मैं हूं आठवां अजूबा
उस मौत का
फरक़ तेरी मेरी सिर्फ़ सोच का
बहुत हुआ
ये धुआ
फुक चुका
रुक चुका
अपने ही लोगो से मैं
रूठ चुका
झुक चुका
तुम बताओ
क्यूं कि शौक तुम्हें जज करने का
शॉक लगा मुझे उसके मरने का
तीन बज गए ना कोई घरमें था
On
Twenty second march
Twenty twenty
उस दिन धूप थी
तलब मेरी चरम सीमा पे
बहुत खूब थी
डूब ती
दिखती हुई दुनिया
खोला आज ख़ुद को और लगा दी है
धून यहां
क़ुबूल की
मैंने मेरी सारी यहां गलतिया
बेशक इंसान हु बहुत घटिया
ऐसे तो मोकूफ है
पेरी बेवकूफ है
लेकिन ना सबूत है
उनके पास
जिन लोगो के साथ तुम देरे डाट
Not so far
Say hi to me i'm up in the stars
बेकरार
हूं तैयार
इसबार
क़ुबूल ये मौत थी जो
मेरे सामने खड़ी
क़ुबूल ये मौत थी जो
मेरे सामने खड़ी
दो हज़ार बाईस
मुझे वापिस जाने की अब कोई नहीं
ख्वाहिश
उस कल में
हा सफल में
ना विफल में
फ़सा हुआ था शैतानी दल दल मे
But now i'm free
Thanks for listening my story
Stop
Written by: Perry Venus
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