album cover
Bhool
19 939
Alternative
Bhool est sorti le 8 janvier 2025 par Soup Kitchen dans le cadre de l'album Bhool - Single
album cover
Les plus populaires
7 derniers jours
02:15 - 02:20
Bhool a été découvert le plus fréquemment à environ 2 minutes and 15 secondes après le début de du titre au cours de la semaine dernière
00:00
00:20
00:30
00:55
01:20
01:25
01:45
01:55
02:05
02:15
02:40
02:50
03:10
03:30
03:45
00:00
04:05

Crédits

INTERPRÉTATION
Murtaza Qizilbash
Murtaza Qizilbash
Guitare
COMPOSITION ET PAROLES
Murtaza Qizilbash
Murtaza Qizilbash
Paroles/Composition
PRODUCTION ET INGÉNIERIE
Soupy Tom
Soupy Tom
Production

Paroles

माही वे
तेरी अदाओं पे जब से निगाहें पड़ी
हम अपने नहीं
सोचों में
खोया रहूँ तेरी आदत है मुझको लगी
तू इतनी हसीन
दिल मेरा ना जाने क्यूं
चाहे फिर तुझे
जैसे बरसों से जुड़े
हों सिलसिले
मैं तेरा होजाऊंगा
कहदे बस मुझे
लगता तुझ को भी है ये
या फिर हमें
भूल है
अब तो पिया बिन रोए
आंखों तेरी में खोए
रहते हैं हर दम मेरे नैन
चेहरा तेरा ओ यारा
चाँद से भी है प्यारा
तू ही है मेरे दिल का चैन
राहों में आएना
मन से तेरा तज़करा जाए ना
तेरे सिवा कोई भी भाए ना
लागे नहीं बिन तेरे दिल मेरा जान ए जान
मेरी यादों में तू
वादों में तू है इरादों में तू
सारे के सारे ज़माने को यून
मैं ने भुलाया है तो मेरी सुन ले सदा
ये दिल मेरा ना जाने क्यों
चाहे फिर तुझे
जैसे बरसों से जुड़े
हों सिलसिले
मैं तेरा होजाऊंगा
कहदे बस मुझे
लगता तुझ को भी है ये
या फिर हमें
भूल है (माही वे)
तेरा दीवाना
ख़ुद से बेगाना
ज़ालिम जमाना
माही वे
मेरा जहां है
जो तू यहां है
यही दुआ है
दिल मेरा ना जाने क्यूं
चाहे फिर तुझे
जैसे बरसों से जुड़े
हों सिलसिले
मैं तेरा होजाऊंगा
कहदे बस मुझे
लगता तुझ को भी है ये
या फिर हमें
भूल है (माही वे)
तेरा दीवाना
ख़ुद से बेगाना
ज़ालिम जमाना
माही वे
मेरा जहां है
जो तू यहां है
यही दुआ है
Written by: Murtaza Mansoor Qizilbash
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...