album cover
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Barsaat est sorti le 16 octobre 2025 par Teasy Digital dans le cadre de l'album Barsaat - Single
16 octobre 2025
LabelTeasy Digital
LangueHindi
BPM80
Qualité mélodique
Acoustique
Valence
Dansabilité
Énergie

Clip vidéo

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Paroles

मैं तेरी उलफ़तों में खोया रहा हूँ
नग़्में गुनगुना के फ़ुर्सतों से सोया कहाँ हूँ
तेरी ख़ुशबुओं से आके ये फूल करते बातें
मैं इन उलझनों में, उलझनों में खोया रहा
क्या मैं तेरा अंतर-मंतर जाप करूँ?
सब संकट काल तक साफ़ करूँ क्या?
मैं Gulzar बनूँ और तुझपर एक किताब कहूँ?
क्या अक्सर तेरी हाज़िरी में बंदिश एक आज़ाद करूँ?
या अर्पण तेरे समाचार में दिन-रातें बरबाद करूँ?
ਮੈਂ ਤਾਂ ਤੇਰਿਆਂ ਖ਼ਿਆਲਾਂ 'ਚ ਵੇ ਖੋਈ
मुझे चैन तेरे बिना भी ना कोई
बड़ी होगी बरसात, मुझे दे-दे तेरी याद
ਮੇਰੇ ਥੱਕੇ ਬੜੇ ਨੈਣ, ਨਈਂ ਮੈਂ ਸੋਈ
कभी रातों में मिलने आया कर
परेशाँ वे मैं दुनिया से होई
बड़ी होगी बरसात, मुझे पता तेरे बाद
ਵੇ ਮੈਂ ਜਾਂ ਤੇਰੇ ਹਿੱਸੇ ਜੇ ਨਹੀਂ ਹੋਈ
ਹਾਏ, ਹਾਏ, ਮੁਝੇ ਪਤਾ ਏ ਤੂੰ ਜਾਣਾ ਤੇਰੇ ਰਾਹ, ਸੱਜਣਾ
ਹਾਏ, ਹਾਏ, ਮੇਰੇ ਨਾ' ਕਦੇ ਰੁਕਾ ਈ ਨਹੀਂ ਤੂੰ
Ooh, I'm just as detrimental
As your fondling with egos but I love the tension
And we're so in that connection, it's a lost dimension
There's a cost to pleasure, and I've learnt my lesson so please
तू मेरे बस में समाएगी नी
और मैं ज़हर भी पी लूँ, जो तू पिलाएगी भी
मेरे गले से निकलेगी शायरी नी
मुझे जब तक है आवाज़, तेरी आएगी नी
तो आएगी नींद, ना आएगा चैन तो आज कहने दो
तुझे वहम, मैं दूर रखूँगा नैनों को
मेरी जान, तू जानती नहीं है बात
के देख लेता हूँ दूर से मैं पत्थरों में गहनों को
Spectra
एक राज़ की बात को राज़ रखें
मेरी जान से राब्ते आज लगे
तेरे बाद ना रातों में आँख लगे
मेरे हू-ब-हू ख़्वाबों में आप लगे
मेरी आँखों में पानी ना प्यास लगे (हाँ-हाँ)
तेरी बाँहों में डूब के आग लगे
यूँ भसम नहीं होता दिल जलकर
हम आज भी सारी वो राख रखे
कितना भी चाहूँ, तुझे भूल नहीं पाऊँगा
और बीती बातों पे मैं धूल कैसे लाऊँगा
यूँ तो अब गुलदस्तों से नफ़रत हो चुकी है
जिसने देखे इतने काँटे, बता, फूल कैसे चाहूँगा?
तेरी यादों में कसर नहीं करता
पर तेरी राहों से गुज़र नहीं सकता
तेरा हाल पूछने का मेरा दिल करता है
पर अब तुम्हें भी फ़रक़ नहीं पड़ता
डूबा-डूबा, alcohol and smoke too
Need you, सारे thoughts blue
ये ग़म गए हैं साथ घूम, आँसू, आज भी पास हूँ
मैं तेरे दिल का आख़िरी लाज़ हूँ, फ़ासले नाप दूँ
आ क़रीब ही, मुकम्मल मैं भी बरसात हूँ
ਮੈਂ ਤਾਂ ਤੇਰਿਆਂ ਖ਼ਿਆਲਾਂ 'ਚ ਵੇ ਖੋਈ
मुझे चैन तेरे बिना भी ना कोई
बड़ी हो गई बरसात, मुझे दे-दे तेरी याद
ਮੇਰੇ ਥੱਕੇ ਬੜੇ ਨੈਣ, ਨਈਂ ਮੈਂ ਸੋਈ
कभी रातों में मिलने आया कर
परेशाँ वे मैं दुनिया से होई
बड़ी होगी बरसात, मुझे पता तेरे बाद
ਵੇ ਮੈਂ ਜਾਂ ਤੇਰੇ ਹਿੱਸੇ ਜੇ ਨਹੀਂ ਹੋਈ
Mm, मैं तेरी उलफ़तों में खोया रहा हूँ
नग़्में गुनगुना के फ़ुर्सतों से सोया कहाँ हूँ
तेरी ख़ुशबुओं से आके ये फूल करते बातें
मैं इन उलझनों में, उलझनों में खोया रहा
Written by: Dhruv Arjwani, Dhruv Sthetick, Manraj Veer, Marvik, Shubham Pal, Spectra Music
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