album cover
SAVERA
189
Pop
SAVERA 6 अक्टूबर 2023 को Universal Music India Pvt Ltd. द्वारा एल्बम SAVERA - Single के एक भाग के रूप में रिलीज़ किया गया था
album cover
एल्बमSAVERA - Single
रिलीज़ की तारीख6 अक्टूबर 2023
लेबलUniversal Music India Pvt Ltd.
भाषाएंहिंदी
मधुरता
ध्वनिकता
वेलेंस
डांस करने की क्षमता
ऊर्जा
BPM

म्यूज़िक वीडियो

म्यूज़िक वीडियो

क्रेडिट्स

PERFORMING ARTISTS
Samad Khan
Samad Khan
Vocals
Bharath
Bharath
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Samad Khan
Samad Khan
Composer, Screenwriter, Lyrics
PRODUCTION & ENGINEERING
Bharath
Bharath
Producer, Recording Engineer
Bhau
Bhau
Mixing Engineer, Mastering Engineer

गाने

सब सो गए हैं, हम क्यूँ जागे, क्यूँ रातें लंबी लागे
ख़्वाबों में क्या वो बात नहीं?
दिल के हों कैसे भी इरादे, हम पीछे-पीछे भागे
ऐसे भी मुश्किलात नहीं
चलो, थोड़ा परदे हटाओ, थोड़ी रोशनी तो लाओ
अपनी आँखों से देखो ज़रा
चलो, थोड़ा सैर पे जाओ, ज़रा घूम के आओ
तुम जाके तो देखो ज़रा
दुनिया है free की सवारी
जिसमें घूम के सर थोड़ा भारी-भारी लगने लगे
ग़म हैं बहुत दुनिया में
थोड़ी ख़ुशियों को तुम ज़रा बाँट के देखो ज़रा
होने लगेगा दिल में सवेरा
डरने की कोई बात नहीं
चाहे अब हो जाए अँधेरा
प्यार की कोई मात नहीं
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग-रे-सा)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे, सा-नि-ध-प-ग-प)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग-रे-सा)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे, सा-नि-ध-प-ग-प)
कभी ना समझा कोई
खाई है ठोकर कई
लगता था मुझको, अकेला हूँ मैं
पर थी पीछे ये दुनिया खड़ी
चल पड़ी मेरी साँसें, खुल गई आँखें
हाथों की अपनी लकीरें मिटा के
हाँ, लिख-लिख के भर दी है सारी किताबें
सपनों के शहर में बसता बना के
सवेरे में देखूँ मैं ख़्वाब
कि तू है अहद-ए-शबाब
बातें मैं जो कहने वाला हूँ
उसके तुम साथ में गाओ, जनाब
चलो, थोड़ा परदे हटाओ, थोड़ी रोशनी तो लाओ
अपनी आँखों से देखो ज़रा
चलो, थोड़ा सैर पे जाओ, ज़रा घूम के आओ
तुम जाके तो देखो ज़रा
दुनिया है free की सवारी
जिसमें घूम के सर थोड़ा भारी-भारी लगने लगे
ग़म हैं बहुत दुनिया में
थोड़ी ख़ुशियों को तुम ज़रा बाँट के देखो ज़रा
होने लगेगा दिल में सवेरा
डरने की कोई बात नहीं
चाहे अब हो जाए अँधेरा
प्यार की कोई मात नहीं
होने लगेगा दिल में सवेरा
डरने की कोई बात नहीं
चाहे अब हो जाए अँधेरा
प्यार की कोई मात नहीं
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग-रे-सा)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे, सा-नि-ध-प-ग-प)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग-रे-सा)
(पा-धा-सा-रे-ग-प-ग)
(पा-धा-सा-रे, सा-नि-ध-प-ग-प)
(होने लगेगा दिल में सवेरा)
(चाहे अब हो जाए अँधेरा)
Written by: Samad Khan
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