album cover
Selfish Log
13
Hip-Hop/Rap
Selfish Log dirilis pada 17 Juli 2024 oleh DOTM Originals sebagai bagian dari album Selfish Log - Single
album cover
Tanggal Rilis17 Juli 2024
LabelDOTM Originals
Melodiksi
Level Akustik
Valence
Kemampuan untuk menari
Energi
BPM144

Dari

PERFORMING ARTISTS
DOTM
DOTM
Lead Vocals
COMPOSITION & LYRICS
Dev Pratap Singh Rana
Dev Pratap Singh Rana
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
HPO
HPO
Mixing Engineer
Vipreet
Vipreet
Producer

Lirik

इरादे टूट ते हैं बंद होते दरवाज़े
दिल के अपने आके लूट ते हैं
बनके ज़िंदा लाश
आधे बस पूछते हैं मतलब से
ये राही बनके चलना चाहते
दूर लगती मंज़िल काफी पास
अफ़सोस करी बातचीत बंद
दिल में जगह थी मगर स्वार्थी सब
हाँ बस मेरी माँ थी संग मेरे
चेहरे पे हसी फेक हार्टबीट नंब
खैर छोड़ दैट्स लाइफ़
भीड़ भरी लोगों की लगी है नुमाइश
देखते तमाशा करते कमाई
छोड़ते कलाई कभी बोलते थे भाई
रिस्पेक्ट सेल्फ की नि है बनके बैठे बंधक
हँसते रह गए मुझपे सारे कल तक
पत्ते काले सूखे मुंह के शब्द अब
रिश्ते नाते टूटे पल में जलकर
खाक बने लाख
मिले साथ चले ना कोई
रहे नाराज़ खुलेगी बात
आएँगे याद समय पे वोही
गलती नहीं माने अपनी फुसलाते धमकाते
सोचो तुमको कैसे अपना लेंगे मान
अपना लेंगे ये मान
लगता सब नाटक छोड़ें पीछा बनके आदत
कीमत जाने मेरी सब खोने के बाद
इरादे टूट ते हैं बंद होते दरवाज़े
दिल के अपने आके लूट ते हैं
बनके ज़िंदा लाश
आधे बस पूछते हैं मतलब से
ये राही बनके चलना चाहते
दूर लगती मंज़िल काफी पास
सेल्फिश लोग सारे गुड की तालाश में
वो छोड़ जाते बेस्ट नॉट लाइंग मैंने भुगता है
खास अनजान बने पल में देख अब कैसे भूलने का ट्राय करू फुल टाइम
उस मौके पे वॉक अवे कट देम ऑफ उस वक्त थोड़ा दुख ता है
पर उठा देना हाथ तुम वायलेंट नहीं साइलेंटली वेव देम अ गुडबाय
नाउ प्रैक्टिसिंग सेलिबेसी सिलेबस से बाहर थे सवाल
जेनेरस से जेलसी में तबदील
संभाल के चल आज ज़ुबान और जज़्बात
जवाब दे दुम दार बदलके अंदाज़
Just to get you ready for the benefit of sweaty palm
कलम पे विश्वास हम लिखते जारहे आज भी थमते नि हाथ
विचार ही खाली बांट के भर दे पंडाल
अफवाह थी फैली चर्चे हो रहे थे मेरे मरने के
बस गैरो में था ज़िंदा मेरा नाम
परवाह नी
रिश्ते बनाके मैंने सीखा
ख़ुद संभाल के चलना बस
उम्मीदें रखना ख़ुद से आप
इरादे टूट ते हैं बंद होते दरवाज़े
दिल के अपने आके लूट ते हैं
बनके ज़िंदा लाश
आधे बस पूछते हैं मतलब से
ये राही बनके चलना चाहते
दूर लगती मंज़िल काफी पास
Dotm
Written by: Dev Pratap Singh Rana
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