album cover
Sajda
4395
Hip-Hop/Rap
Sajda è stato pubblicato il 27 novembre 2020 da Ink Heart come parte dell'album Sajda - Single
album cover
Data di uscita27 novembre 2020
EtichettaInk Heart
Melodicità
Acousticità
Valence
Ballabilità
Energia
BPM114

Crediti

PERFORMING ARTISTS
Hashim Nawaz
Hashim Nawaz
Performer
Ink Heart
Ink Heart
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Hashim Nawaz
Hashim Nawaz
Songwriter
Ashish Alagh
Ashish Alagh
Songwriter

Testi

Hey yo', Ink, put some sauce on it
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पी का नाम
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पी का
साँसों की माला पे
साँसों की माला पे
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पी का
कहां से आया मैं कहां को जाना
ऐसी बातों पर ज़िक्र करूँ या लिखूँ गाना
मैं होऊंगा तेरे से, पर तू मेरे से हो जुदा ना
मेरा यहां पे रब्बा कोई भी तेरे सिवा ना
तेरा करम हुआ, दोबारा हुई आमद
तुझे बनाता मंज़िल जो उस को तू मिलता राह पर
चुन ले मुझे भी तू सजदे करने वालों में
अगर किसी दिन भी था मैं सजदे करने वालों में
ये बातें महज़ बातें रह जानी हैं
भरे हुए बरतन यहां रह जाने खाली हैं
पर्दा करते नहीं कैसे डालें ज़बानी ये
सपना मेरा यही जीतू ख़ुद से ये बाज़ी मैं
बाज़ीगर
मत खोल अपनी माज़ी की किताबों को
जो था वो रहा नहीं, जो है किसी को नहीं पता
है सब को पता, कि इस जहान में कुछ ना रखा
पर जान के अनजान हैं शायद सिर्फ यही ना पता
रूह मिट्टी से, या मिट्टी रूह से है तंग
मेरे गुनाहों ने इनके दरमियाँ डाली जंग
हैं मेरे संग काफी लोग पर वो करेंगे क्या
जो गिरूंगा अगर पास मेरे होंगे खड़े क्या
नाम बना लिया, पर बन ना सका नमाज़ी मैं
लोग पहचान लेता, ख़ुद का पता नी है
ओपरा मिज़ाज मेरा, छोकरा मैं आम
आग तो बचाना रब्बा झोपड़ा मकान मेरा
मैं तोह नाम का बस जानलेवा
जग ने क्या है बना डाला
मुझे सुनते वो मानते ना
कहानी सुनाते मेरी वो जो मुझे जानते ना
इन्हें कहने दो, मुझे सहने दो
यही इलाज़ मेरा जख्मों को रहने दो
मेरे बाद मेरी बातों को ये करेंगे याद
मेरे आज पे जो चाहे इन्हें कहने दो
इन्हें कहने दो, मुझे सहने दो
यही इलाज़ मेरा जख्मों को रहने दो
ये नहीं जानते मुझे यही करेंगे पार
जो करे पाक उन्हीं जख्मों को रहने दो
ये समझते बनना चाहता स्टार मैं
पर मैं बनना चाहता अपने बाप जैसा
अमल से मेरे सारे जाने मुझे
बाकी सारा आरज़ी है शोहरत, गाड़ी, नाम, पैसा
हाल कैसा पूछते मैं ठीक हूं, पर हाल में ना
लोग देखे बोहत तभी आता सामने ना
बिना मक़सद नहीं काम मेरा
मेरे से मिला जो कुछ बाँट लेना
समुंदर पार से हैं आते पैगाम
जहाँ पे सोचा भी ना था वहां पे बनाया नाम
यहां पे काफ़ियों को लगे मेरी कला हराम
पर मुझे ग़ैर मुस्लिम भी अब करते सलाम
इनको ना पता
मैंने जो लिखा तो वो इनकी खता
इन्होंने सुना तो वो मेरी फ़तह
मेरी वजह से कितनो ने रैप सुनना शुरू किया
बोलेंगे ये नहीं पर इस बात के ये ख़ुद हैं गवाह
मेरे पास कुछ भी करने को ना साबित
कितना क़ाबिल हूं मैं पता जिसको पता होता शामिल
इनकी महफ़िलों में जाता ना मैं
और जब होता हूं तो चुप रहता, तभी इनको भाता ना मैं
ये बच्चे सारे मेरे जैसा बनना चाहते
जो मैं करता हूं वो ये सारे भी करना चाहते
पर जो मैं करता उसपे ऊपर वाला पर्दा डाले
शायद कलाकार लगते हैं खुदा को प्यारे
समान जमा कर लिया जो लेके जाना नहीं
इज़्ज़त देता रब्ब है बंदा कमाता नहीं
मिटा ता ऐब अपने ख़ुद को मिटा ता नहीं
हाशिम अभी ना-समझ है बातें पर बनाता कई
नाम बना लिया पर बन ना सका नमाज़ी मैं
लोग पहचान लेता, ख़ुद का पता नी है
ओपरा मिज़ाज मेरा छोकरा मैं आम
आग तो बचाना रब्बा झोपड़ा मकान मेरा
मैं तोह नाम का बस जानलेवा
जग्ग ने क्या है बना डाला
मुझे सुनते वो मानते ना
कहानी सुनाते मेरी, वो जो मुझे जानते ना
इन्हें कहने दो, मुझे सहने दो
यही इलाज़ मेरा जख्मों को रहने दो
मेरे बाद मेरी बातों को ये करेंगे याद
मेरे आज पे जो चाहे इन्हें कहने दो
इन्हें कहने दो, मुझे सहने दो
यही इलाज़ मेरा जख्मों को रहने दो
ये नहीं जानते, मुझे यही करेंगे पार
जो करें पाक उन्हीं जख्मों को रहने दो
(साँसों की माला पे
साँसों की माला पे
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पी का)
Hey yo', Ink, put some sauce on it
Written by: Ashish Alagh, Hashim Nawaz
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