album cover
Confessions
5688
Hip-Hop/Rap
Confessions è stato pubblicato il 28 febbraio 2023 da Universal Music India Pvt Ltd. come parte dell'album But I Like It - EP
album cover
Data di uscita28 febbraio 2023
EtichettaUniversal Music India Pvt Ltd.
LinguaHindi
Melodicità
Acousticità
Valence
Ballabilità
Energia
BPM89

Video musicale

Video musicale

Crediti

PERFORMING ARTISTS
Fotty Seven
Fotty Seven
Vocals
COMPOSITION & LYRICS
Fotty Seven
Fotty Seven
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Fotty Seven
Fotty Seven
Producer
Martin Hollis
Martin Hollis
Mixing Engineer
Naweed Ahmed
Naweed Ahmed
Mastering Engineer

Testi

[Verse 1]
यादें रोज़ आती हैं
आँखें रो जाती हैं
धड़कन उमीद लगा के
अब तक तुझको चाहती है
[Verse 2]
बाहों को कर के सिरहाने
पहले सो जाती थी
मेरी हो जाती थी
अब क्या सो पाती है
[Verse 3]
यादें रोज़ आती हैं
आँखें रो जाती हैं
धड़कन उमीद लगा के
अब तक तुझको चाहती है
[Verse 4]
बाहों को कर के सिरहाने
पहले सो जाती थी
मेरी हो जाती थी
अब क्या सो पाती है
[Verse 5]
आज हूं जहाँ पे कभी सोचा नहीं था
सपने होंगे पूरे कभी सोचा नहीं था
कितना कुछ है बनाया फिर भी लगता है जैसे
चला था मैं काफी लेकिन पहुँचा कहीं ना
[Verse 6]
लाखों लोग मेरे साथ लेकिन दोस्त कोई नहीं
3 कैमरा हैं फोन में पर दोस्त कोई नहीं
नाम के हैं दोस्त क्लोज कोई नहीं
इनके साथ पी है जब भी मैंने होश खोए नहीं नहीं नहीं नहीं
[Verse 7]
अकेलापन मेरे घर में है
थेरेपिस्ट ने बोला कि सब कुछ तेरे सिर में है
थेरेपिस्ट ने बोला मैं तेरी दोस्त जैसी हूं
पर ये पहला दोस्त नहीं जिसको दोस्ती के पैसे दूँ
[Verse 8]
पर सुनता भी तोह कोई नहीं फ्री में
कैसे बोलूँ जो है मेरे जी में
दुनिया बदलने चला था
मुझे ही बदल दिया किसी ने
[Verse 9]
तोह आज मैं बारिश में बाइक नहीं चलाता
आज मैं दोस्ती में भाई नहीं बनाता
आज जब शीशे में जम जाती धुंध
उस धुंध में मैं उंगली से साइन नहीं बनाता
[Verse 10]
मैं कहीं और हूं पर मैं वापस आना चाहता हूं
मैं फिर से बिना दम दिए गाना गाना चाहता हूं
मैं फिर से अपनी घटिया शायरी सुनाना चाहता हूं
मैं छोटी छोटी चीज़ो पे खुशी मनाना चाहता हूं
[Verse 11]
क्यूं लगे सब कुछ मुश्किल इतना
क्यूं लगे डर होता खुश दिल जितना
क्यूं स्माइल करने में लगती है मेहनत
तुम स्माइल क्यूं नहीं करते मुझे बार बार कह मत
[Verse 12]
मैं गुस्सा ख़ुद से निकलता है तुझ पे
फिर भी मुझे टेक्स्ट करे सुबह उठ के
शायद मैं तेरे लायक नहीं हूं
शायद तभी तुझसे रहता हूं छुप के
[Verse 13]
यादें रोज़ आती हैं
आँखें रो जाती हैं
धड़कन उमीद लगा के
अब तक तुझको चाहती है
[Verse 14]
बाहों को कर के सिरहाने
पहले सो जाती थी
मेरी हो जाती थी
अब क्या सो पाती है
[Verse 15]
यादें रोज़ आती हैं
आँखें रो जाती हैं
धड़कन उमीद लगा के
अब तक तुझको चाहती है
[Verse 16]
बाहों को कर के सिरहाने
पहले सो जाती थी
मेरी हो जाती थी
अब क्या सो पाती है
Written by: Fotty Seven
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