album cover
Safar
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Pop
Safar è stato pubblicato il 14 dicembre 2024 da Bayaan come parte dell'album Safar
album cover
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Testi

[Verse 1]
ओ सनम, ओ जिगर, तुमको हो क्या ही खबर
कैसे कटी ये रातें हैं
कहते हैं सब मगर, कोई चला ना इन पर
रास्ते जो मैंने नापे हैं
कभी है तारों की झिलमिल
कभी ना दिखती मंज़िल
ऐसा सफर मेरा
[Chorus]
मैं भागा-भागा, सदियों से जागा
आया हूँ मीलों गाँव से
ना हमसफर कोई, ना अपना घर, यारा
रहता हूँ बहती नाव पे
[Verse 2]
दिखते हैं ख्वाब जो जागती आँखों को
सपने नहीं, इरादे हैं
पूरे वो करने को चल पड़े नंगे पैरों
ख़ुद से किए जो वादे हैं
रुकना ना कभी भी था हल
चलना ही तो है मंज़िल
मैं ना कहीं ठहरा
[Chorus]
मैं भागा-भागा, सदियों से जागा
आया हूँ मीलों गाँव से
ना हमसफर कोई, ना अपना घर, यारा
रहता हूँ बहती नावों पे
मैं भागा-भागा, सदियों से जागा
आया हूँ मीलों करके इरादा
मैं भागा-भागा, सदियों से जागा
आया हूँ मीलों करके इरादा
[Verse 3]
सफर लिखा हाथ की लकीरों में
ना खोने दिया ख्वाबों को ताबीरों में
शहर की हवा ने मुझ में रंग भरे
मैं भोला सा पुरानी तस्वीरों में
सफर लिखा हाथ की लकीरों में
ना खोने दिया ख्वाबों को ताबीरों में
देख के रब ने अज़्म, मुझे पर दिए
के उड़ सकूँ बुलंद तक़दीरों से
[Verse 4]
सफर लिखा हाथ की लकीरों में
ना खोने दिया ख्वाबों को ताबीरों में
शहर की हवा ने मुझ में रंग भरे
मैं भोला सा पुरानी तस्वीरों में
सफर लिखा हाथ की लकीरों में
ना खोने दिया ख्वाबों को ताबीरों में
देख के रब ने अज़्म, मुझे पर दिए
के उड़ सकूँ बुलंद तक़दीरों से
[Verse 5]
सफर लिखा हाथ की लकीरों में
ना खोने दिया ख्वाबों को ताबीरों में
शहर की हवा ने मुझ में रंग भरे
मैं भोला सा पुरानी तस्वीरों में
सफर लिखा हाथ की लकीरों में
ना खोने दिया ख्वाबों को ताबीरों में
देख के रब ने अज़्म, मुझे पर दिए
के उड़ सकूँ बुलंद तक़दीरों से
[Verse 6]
सफर लिखा हाथ की लकीरों में
ना खोने दिया ख्वाबों को ताबीरों में
शहर की हवा ने मुझ में रंग भरे
मैं भोला सा पुरानी तस्वीरों में
सफर लिखा हाथ की लकीरों में
ना खोने दिया ख्वाबों को ताबीरों में
देख के रब ने अज़्म, मुझे पर दिए
के उड़ सकूँ बुलंद तक़दीरों से
Written by: Asfar Hussain, Bayaan, Sherazam
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