album cover
Faasle
1640
Pop
Faasle è stato pubblicato il 28 dicembre 2024 da ULTI ZINDAGI come parte dell'album Faasle - Single
album cover
Data di uscita28 dicembre 2024
EtichettaULTI ZINDAGI
LinguaHindi
Melodicità
Acousticità
Valence
Ballabilità
Energia
BPM80

Video musicale

Video musicale

Crediti

PERFORMING ARTISTS
UZ
UZ
Background Vocals
COMPOSITION & LYRICS
FLAK
FLAK
Songwriter
VERAAM
VERAAM
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
FLAK
FLAK
Co-Producer

Testi

साथ गुम ये चल पड़े
तेरे मेरे बीच फ़ासले ये बढ़ गए
टूटे ख्वाब जो मेरे
जाना दोनों के ही रास्ते बदल गए
रातें भी गुज़र गई
आँखें जो खुली ना मेरे पास तुम रहे
वो पल भी याद है मुझे
पहली बार थामे हाथ में ये हाथ हम चले
चाँद भी नहीं सितारों की इन छाओं में
सोचा था नही के इतना तुम सताओगे
पीछे मुड़ के देखलो मैं हूं खड़ा वहीं
इंतज़ार है के लौट के तुम आओगे
तुम आओगे, कभी तो प्यार ये जताओगे
वफा की बेवफाई, मुझको भी सुनाओगे
थे मिलने आए मेरी जान ये लगा मुझे
गले लगा के मुझको दूरियां मिटाओगे
खोया सा हु, तेरे बिन मई जाना खोया सा हु
आया ना तू हुआ ऐसा क्यूं ये आया ना तू
खोया सा हु, तेरे बिन मई जाना खोया सा हु
आया ना तू हुआ ऐसा क्यूं ये आया ना तू
साथ गुम ये चल पड़े
तेरे मेरे बीच फ़ासले ये बढ़ गए
टूटे ख्वाब जो मेरे
जाना दोनों के ही रास्ते बदल गए
रातें भी गुज़र गई
आँखें जो खुली ना मेरे पास तुम रहे
वो पल भी याद है मुझे
पहली बार थामे हाथ में ये हाथ हम चले
कहती वो खुश है गम अब उसको ना सताए
फिर क्यूं ना चेहकती गीत पहले सा ना गाए
गुम है दबाए शायद उसको डर है खाए
कि कोई झूठे दिखावो से नज़दीकियाँ बढ़ाए
अब शांत वो रहती है आँसू है छिपाए
खुदकी खताओं में करम धरम बनाए
ढूंढे वो कोई उपाये जिनसे ये फासले मिटाए
सब छोड़ छाड़ के जाके वो उससे है मिलना चाहे
जाने ये नामुमकिन फिर भी वो खुदको दिलासे देती है
जीवन एक धारा है जिसकी वो धारा के संग बहती है
कला है बख्शी जिनको वो गुम बताए गानों में
सुनने वो उसके गीत और उनको ही गाती रहती है
आँखें है नंब फिर भी वो सब कुछ सहती है
सर्द सिलवटों की सुबकती सिसकियों में वो सिमटी बैठी है
लगे ना मन कहीं छुपी वो सबसे
देखे बस तारे और ख़ुदसे ही कहती है कि
ये फ़ासले ये दूरियां ये रास्ते मजबूरियां
इन राहों में है खो गए अब ना जाने हम कहां
ये फ़ासले ये दूरियां ये रास्ते मजबूरियां
मैं जीती हूं जिसके लिए वो हुआ ना क्यूं मेरा
साथ गुम ये चल पड़े
तेरे मेरे बीच फ़ासले ये बढ़ गए
टूटे ख्वाब जो मेरे
जाना दोनों के ही रास्ते बदल गए
रातें भी गुज़र गई
आँखें जो खुली ना मेरे पास तुम रहे
वो पल भी याद है मुझे
पहली बार थामे हाथ में ये हाथ हम चले
Written by: FLAK, VERAAM
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