album cover
Ghazi
49
Hip-Hop
Ghazi è stato pubblicato il 17 gennaio 2020 da Azadi Records come parte dell'album Ghazi - Single
album cover
Data di uscita17 gennaio 2020
EtichettaAzadi Records
LinguaHindi
Melodicità
Acousticità
Valence
Ballabilità
Energia
BPM

Video musicale

Video musicale

Testi

[Verse 1]
तनाशाही ना चलेगी
ज़िंदा मैं जब तक तुम्हारी चिंता
हम ही तोह यहां के दिग्गज तुम सुनते किनका
चाहते ये हिंसा
तोड़ा डर का पिंजरा
बुरा वक्त तोह पिघला
बुरा वक्त अब इनका
[Verse 2]
आज़ादी वाले आए बोरिया बिस्तर बांधो
हम सब में समाए हम से पंगा ना लो
हथियार फेको देखो मेरी बात मानो
नहीं तोह ब्र्र्र्ह ब्र्र्र्ह ब्र्र्र्ह एल चापो
[Verse 3]
बैठे भूखे इंतज़ार में मेरे कमांडो
आज ही असली रेमांड हो सूखे रैपर तुम संभालो
मैं ही सब का सवाल तोह जान बचालो
आग में हाथ ना डालो खाक हो जाओगे सालो
हाँ हाँ उतनी लंबी ना तुम्हारी दौड़
हाँ हाँ काफी ठंडा है ये सारा जोश
हाँ हाँ बातों के भूत तोड़े इनके चोंच
क़लम ये कलाशनिकोव देने वाले कुत्ती मौत
[Verse 4]
श्रीनगर से हर नगर
कंधो पे मेरे शहर का सफर
ये उम्दा मौसिकी का जनम
ये बाते होगी ना इन्ने हुज़ूम पर हम ना देते फ़क
सच मा कसम
[Verse 5]
तोह जान लो
आने वाला वक्त बुरा
खेल सारा दुआँ दुआँ
ज़िंदगी तोह एक जुआ
मान लो
सीन पूरा सख्त हुआ
रब ने था मुझे चुना
देदो मुझे तख्त मेरा
जान लो
आने वाला वक्त बुरा
खेल सारा दुआँ दुआँ
ज़िंदगी तोह एक जुआ
मान लो
सीन पूरा सख्त हुआ
रब ने था मुझे चुना
देदो मुझे तख्त मेरा
[Verse 6]
हँसी मज़ाक हुआ काफी सोना सब का हराम अब
रहम ना ज़रा भी देखो मैं बना विनाशक
करले सलामी बजे तेरी ही जगह पर
खून पसीने से खड़ा करी ये इमारत
आगे बड़े काफी ना घमंड किया
किया जो भी मन किया
थोड़ा तोह मैं सनकी सा इब्तिदा मेरी कला किल्ल करा
सदा मेरी हर जगह गुंजे
सब रखते याद ये मुरल जैसे लूपे
बुखार जो ना छूटे ये बनी मेरी ढाल जो ना टूटे
अज़ाब निकले मुँह से
बेनाक़ाब हुए झूठे तू संभाल के बात कर
इन फुद्धु लेबलों को आया सीधा मैं मांड कर
इन फ़ुद्दू ओनरों को आया उल्टा मैं टांग कर
खेला हर दिन जान पर कहर मेरी ज़बान पर
लहर ऐसी ना देखी तुम ने कभी ना ना
हाँ तुझे भी हुआ क्या अब यकीन वाह वाह
[Verse 7]
श्रीनगर से हर नगर
कंधो पे मेरे शहर का सफर
ये उम्दा मौसिकी का जनम
ये बाते होगी ना इन्ने हुज़ूम पर हम ना देते फ़क
सच मा कसम
मैं बोला
श्रीनगर से हर नगर
कंधो पे मेरे शहर का सफर
ये उम्दा मौसिकी का जनम
ये बाते होगी ना इन्ने हुज़ूम पर हम ना देते फ़क
सच मा कसम
[Verse 8]
तोह जान लो
आने वाला वक्त बुरा
खेल सारा दुआँ दुआँ
ज़िंदगी तोह एक जुआ
मान लो
सीन पूरा सख्त हुआ
रब ने था मुझे चुना
देदो मुझे तख्त मेरा
जान लो
आने वाला वक्त बुरा
खेल सारा दुआँ दुआँ
ज़िंदगी तोह एक जुआ
मान लो
सीन पूरा सख्त हुआ
रब ने था मुझे चुना
देदो मुझे तख्त मेरा
[Verse 9]
मैं जानलेवा
Written by: Ahmer Javed
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...