album cover
Obsession
591
Alternative
Obsession è stato pubblicato il 3 agosto 2022 da HH12 X HW come parte dell'album Obsession - Single
album cover
Data di uscita3 agosto 2022
EtichettaHH12 X HW
LanguageHindi
Melodicità
Acousticità
Valence
Ballabilità
Energia
BPM59

Crediti

PERFORMING ARTISTS
2facebleed
2facebleed
Vocals
Harjas Harjaayi
Harjas Harjaayi
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Harjas Harjaayi
Harjas Harjaayi
Songwriter
Niladri Chattopadhyay
Niladri Chattopadhyay
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
2facebleed
2facebleed
Editing Engineer
FB420
FB420
Producer

Testi

प्यार हवाओं में तो मैं सांस रोक लूं
तेरे मेरे बीच की मैं ये तार तोड़ दूं
अक्सर मेरी राहों में इंतज़ार है तेरा
पल भर चलती है ज़िंदगी, ख़याल है तेरा
I just wish she was alone, I could fuck her every night
Girl you walking over me, I swear I wanna press rewind
ख्वाहिश मेरी मिल जाए तू ख़ाली इन अफ़सानों में
ज़ख़्म मैं पुराने खोलूं, बैठा हूँ अनजानों में
आँखों में मैं तेरी ये दुनिया भुला दूं
सहमा डरा सा दिल ये रहता भरा क्यूँ
पलकों से पानी जो गिरा उसे निकलने दो
कोई पुरानी हो तमन्ना वो पिघलने दो
मुझे तू पिघलने दे, आंसू जो टपके ये निगलाने दे
दिन ना कटे मेरा तेरे बिना, ख़ुदा कसम मेरा दिल न लगे
बात ना करे वो मुझसे कभी, जैसे कोई मैंने हो करा गुनाह
घर तेरा रहता है सूना-सूना, मैंने सुना है मेरे बिना
चैन मैं छीनूँगा ना, कैसे मैं जी लूँ भला?
जब तेरा होगा दिलदार नहीं, कैसी सी होगी सुबह?
जानना चाहता नहीं मैं, होगा अब बाद में क्या
तुझे मैं याद नहीं क्या? या कोई नया मिला?
आँखों में मैं तेरी ये दुनिया भुला दूं
सहमा डरा सा दिल ये रहता भरा क्यूँ
पलकों से पानी जो गिरा उसे निकलने दो
कोई पुरानी हो तमन्ना वो पिघलने दो
I know how it feels, to be alone
I know how it feels to be around people
And feel alone like
I'll be around a million people and I would still feel alone like
कसके पकड़ूँ तो टूट जाएगी, आदत है शायद छूट जाएगी
रातों की दुआओं में मांगू तुझको, तू लौट आएगी
दिल है सीने में दर्द मिला है, पिछले जनम का एक कर्ज़ मिला
मर्हम समझा मैंने तुझे तभी मुझे ये मर्ज़ मिला है
मेरी सियाही से निकलती बस तन्हाई है
मौत है दर पे शायद मुझको लेने आई है
कभी मोहब्बत भी करती खुदसे हरजाई है
अब सोचूं मिलनी कब है यादों से रिहाई है
आँखों में मैं तेरी ये दुनिया भुला दूं
सहमा डरा सा दिल ये रहता भरा क्यूँ
पलकों से पानी जो गिरा उसे निकलने दो
कोई पुरानी हो तमन्ना वो पिघलने दो
Written by: Harjas Harjaayi, Niladri Chattopadhyay
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