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Testi

कहाँ से आते हैं? कहाँ से आते हैं?
इतने जो ये पैसे हैं, ये कहाँ से आते हैं?
करना क्या चाहते हैं? ये रोज़ क्यूँ आते हैं?
हाय, शहर के बड़े ये गुंडे भी तेरे पैर दबाते हैं
हो, जितने जोड़े, हीरे जोड़े
कच्चा एक न टोळी में
पिसा का तो कहणा ए कि
मका सबका साजा गोळी में
ओ, शहर में आगे-आगे कर द्यां
मुँह में झागे-झागे कर द्यां
जोणसा आगे बन रया करड़ा
मिनट में कच्चे धागे कर द्यां
जिगरा body में, shooter गाड़ी में
नोटा में रै बढ़ना देख्या, म्हारे खुल्ले खाते हैं
कहाँ से आते हैं? कहाँ से आते हैं?
इतने जो ये पैसे हैं, ये कहाँ से आते हैं?
करना क्या चाहते हैं? ये रोज़ क्यूँ आते हैं?
हाय, शहर के बड़े ये गुंडे भी तेरे पैर दबाते हैं
थारा हुक्का चाले, धूम्में उठें चिल्मा में
मन्ने इसे काफिले देखे हैं बस फिल्मां में
ना शामी जाना म्हारा भड़का-भड़का काफी है
ओ, गोली की तो छोड़, रै gun का खड़का काफी है
सब हुक्म के इक्के हैं, बस बोल के तीखे हैं
हो, देखा है यारी में तगड़ा risk उठाते हैं
कहाँ से आते हैं? कहाँ से आते हैं?
इतने जो ये पैसे हैं, ये कहाँ से आते हैं?
करना क्या चाहते हैं? ये रोज़ क्यूँ आते हैं?
हाय, शहर के बड़े ये गुंडे भी तेरे पैर दबाते हैं
तेरे काना पे है बाळ कौल तेरे डब में है
तेरे बरगी खूबी कोन्या सब में है
हो, करते नहीं believe कदे भी मौके-धोखे में
ओ, घर का खोखा करवा द्यांगे आधे खोखे में
वै झुंड में आवेंगे, fire चलावेंगे
ओ, कुछ नहीं होता, पल्ले उनके बातें ही बातें हैं
कहाँ से आते हैं? कहाँ से आते हैं?
इतने जो ये पैसे हैं, ये कहाँ से आते हैं?
हो, यहाँ से आते हैं, ये पैसे यहाँ से आते हैं
तेरे शहर के गुंडे चौथे दिन हफ्ता पहुँचाते हैं
Sihag Muzik
Written by: Bintu Pabra
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