album cover
Pahiye
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지난 7일
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가사

[Verse 1]
और इनको लगता नहीं था फिर भी भैया गांड फाड़ रहा हु
अपने बाप के सिवाय ना कोई बाप मानता हु
अपनी बंदी के अलावा सबकुछ पाप मानता हु
अगर तू है सबका दोस्त फिर तुझको साँप मानता हूँ
तू हमबल है तो इज्जत दू जैसे भगवान मानता हूं
झांट भर भी एगो तो झांट का अपने बाल मानता हूं
अपनी कलाकारी भगवान का आशीर्वाद मानता हु
माँ है पहली दूजा बाप को ही भगवान मानता हूँ, येस सर
[Verse 2]
करे कुछ शोज कुछ कलाकारों के साथ फिर भी नहीं है मिले
इज़्ज़त दो तो समझते लोग इससे वापस इज़्ज़त चाहिए नहीं है
ईगो नहीं मुझमें लेकिन सेल्फ रिस्पेक्ट तो होनी चाहिए प्रिय
मेरी हसल ने मुझे मुकाम पे पहुँचाने के लिए है पहिये दिए
बहनें जिन्हें मैं कभी मिला नहीं वो मेरे लिए जला रही है दिए
मुझे इन बड़े ईगो वालो आर्टिस्टो से रिश्ता चाहिए नहीं है
यूपी के बोले तू जो कर्रा वो किसीने भी कभी करा नहीं है भैये
अपने को तो नहीं है गिले
अपने को तो नहीं है गिले
[Chorus]
सबकुछ होगा ठीक एक दिन
बदलेगा नसीब एक दिन
हारता रहूँगा पूरी ज़िंदगी
पर जाऊंगा मैं जीत एक दिन
सबकुछ होगा ठीक एक दिन
बदलेगा नसीब एक दिन
हारता रहूँगा पूरी ज़िंदगी
पर जाऊंगा मैं जीत एक दिन!
[Verse 3]
पहिया ज़िंदगी का चलता रहता रुकता नी खातिर है किसी के
मैं भीड़ में खोता रोज़ फिर आता स्टूडियो जो मेरा ऋषिकेश
रिग्रेट होता जब घर कॉल ना करू ऑन अ बिजी डे
फिर लगता कि सपने ही यही थे जीरहा हूं हर दिन हफ्ते महीने
आगए है कहाँ पे हम कहीं थे
मेरे यार है दरिंदे और कमीने
जिन्हें सब कम पड़े पले कमी में
तभी राम को शुकर हम कर ही दे
अब पैसा कमाने की आदत बचपन वाली खुशियां हम खरीदें
ये आसमान भी है लगता कम मुझे
आया हूं नीचे से ज़मीन से
[Verse 4]
परवरदिगार
कोई भी ना है यहां मेरा परवरदिगार
कर्मो से होता है सब कुछ डिसाइड
सब रब बना दे सब रब बिगाड़
मक़सद अपना हो हमपर किताब
सर बस उठा है ये सर कब झुका
जब जब गलत हो तब ना मैं छुपा
ये कलम दिखा ही देती करतब जनाब
रास्ते मुझे भटका के गए जिन्हे करके आया मैं घर तक ड्रॉप
अच्छा बोला है जिनके बारे वो मेरे पीछे पड़ रहे हमपर श्राप
तेरा भला हो रहा है तो हँसकर कर लेना तू हमसे खराब
लेकिन याद रहे हमसे खराब तो कोई भी ना यहां हमसे खराब, येह
[Chorus]
सबकुछ होगा ठीक एक दिन
बदलेगा नसीब एक दिन
हारता रहूँगा पूरी ज़िंदगी
पर जाऊंगा मैं जीत एक दिन
सबकुछ होगा ठीक एक दिन
बदलेगा नसीब एक दिन
हारता रहूँगा पूरी ज़िंदगी
पर जाऊंगा मैं जीत एक दिन
[Outro]
साथ कोई चलें या ना चलें लेकिन तू चलते ही रहना
घड़ी भले रुके तेरी लेकिन वक्त को तू बदलते ही रहना
जीना है
ऐसे जीना है
पी ले ऐसे जैसे कल नहीं जीना है
जीते जीते भी ना जिये
तो फिर मरे हुए हो तुम
मरे जीते जीते ज़िंदगी को ही तो जीना है
Written by: ANUBHAV SHUKLA
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