album cover
Rang
13 493
Asia
Utwór Rang został wydany 5 lipca 2022 przez Mainstage Productions jako część albumu Coke Studio: Season 9
album cover
Data wydania5 lipca 2022
WytwórniaMainstage Productions
Melodyjność
Akustyczność
Valence
Taneczność
Energia
BPM146

Kredyty

PERFORMING ARTISTS
Amjad Sabri
Amjad Sabri
Performer
Rahat Fateh Ali Khan
Rahat Fateh Ali Khan
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Ameer Khusro
Ameer Khusro
Songwriter
Bilal Maqsood
Bilal Maqsood
Songwriter
Faisal Kapadia
Faisal Kapadia
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Bilal Maqsood
Bilal Maqsood
Producer
Faisal Kapadia
Faisal Kapadia
Producer

Tekst Utworu

[Verse 1]
माटी के तुम दीवारे
जो सुन्यो हमरी बात
आज मिलावरा मोहे पिया का
जो जाग्यो सारी रात
[Verse 2]
आज रंग है रि माँ
रंग है री
आज रंग है रि माँ
रंग है री
आज रंग है रि माँ
रंग है री
आज रंग है रि माँ
रंग है री
[Verse 3]
मोरे खाजह के घर रंग है रि
आज रंग है रि माँ
रंग है री
मोरे खाजह के घर रंग है रि
[Verse 4]
आज सजन मिलावरा मोरे आँगन में
सजन मिलावरा मोरे आँगन में
आज रंग है रि माँ
रंग है री
आज रंग है रि माँ
रंग है री
[Verse 5]
रैनी चढ़ी रसूल कि
सो रंग मौला के हाथ
जा का छोड़ा रंग दियो
सो धन धन वा के भाग
आज रंग है ए माँ
रंग है री
आज रंग है ए माँ
रंग है री
आज रंग है ए माँ
रंग है री
आज रंग है ए माँ
रंग है री
रे आज रंग है ए मान
रंग है री
[Verse 6]
अरे आज रंग है ए मां
रंग है री
मेरे महबूब के घर
ए री सखी री मेरे महबूब के घर
ए री सखी री मेरे महबूब के घर
ए री सखी री मेरे महबूब के घर रंग है री
आज रंग है ए माँ
रंग है री
आज रंग है ए माँ
रंग है री
[Verse 7]
मोहे पीर पायो निजाम उद-दीन औलिया
मोहे पीर पायो निजाम उद-दीन औलिया
मोहे पीर पायो निजाम उद-दीन औलिया
मोहे पीर पायो निजाम उद-दीन औलिया
मोहे पीर पायो साबिर अला उद-दीन औलिया
मोहे पीर पायो साबिर अला उद-दीन औलिया
मोहे पीर पायो निजाम उद-दीन औलिया
[Verse 8]
निजाम उद-दीन औलिया
अला उद-दीन औलिया
निजाम उद-दीन औलिया
अला उद-दीन औलिया
निजाम उद-दीन औलिया
अला उद-दीन औलिया
[Verse 9]
मैं तो जब देखूं मोरे संग है री मान रंग है री
मैं तो जब देखूं मोरे संग है री मान रंग है री
मैं तो जब देखूं मोरे संग है री मान रंग है री
आज रंग है रि माँ
रंग है री
[Verse 10]
देस बिदेस में ढूँढ फिरी हूं
देस बिदेस में ढूँढ फिरी हूं
अरे देश बिदेस में ढूँढ फिरी हूं
तोरा रंग मन भायो निजाम उद-दीन
तोरा रंग मन भायो निजाम उद-दीन
तोरा रंग मन भायो निजाम उद-दीन
तोरा रंग मन भायो मैं तोरा रंग
तोरा रंग मन भायो मैं तोरा रंग
तोरा रंग मन भायो मैं तोरा रंग
अरे तोरा रंग मन भायो मैं तोरा रंग
भूल रही रे मान
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही
[Verse 11]
खुसरो रैन सुहाग कि सो मैं जागी पि के संग
खुसरो रैन सुहाग कि सो मैं जागी पि के संग
तन मोरा मन पीहू का
तन मोरा मन पीहू का सो दोनों एक ही रंग
[Verse 12]
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही
मैं तो ऐसो रंग
गोकुल देखा
मथुरा देखा
गोकुल देखा
मथुरा देखा
पूरब देखा
पच्छिम देखा
उत्तर देखा
दक्खन देखा
उत्तर देखा
दक्खन देखा
पर तोसा नह कोई रंग देखा रे
[Verse 13]
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही
फिरी ज़माने में चार जानिब
अल्लाह
निगार-ए यकता तुम्हीं को देखा
हसीन देखे जमील देखे
बस एक तुम सा तुम्हीं को देखा
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही
मैं तो ऐसो रंग
[Verse 14]
देस बिदेस में ढूँढ फिरी हूं
देस बिदेस में ढूँढ फिरी हूं
देस बिदेस में ढूँढ फिरी हूं
मोहे तोरा रंग मन भायो निजाम उद-दीन
तोरा रंग मन भायो निजाम उद-दीन
जग जग जग जग
जग जग जग उज्यारो
जग उज्यारो
जग उज्यारो
खाजह निजाम उद-दीन जगत उज्यारो
खाजह निजाम उद-दीन जगत उज्यारो
साबिर अला उद-दीन जगत उज्यारो
साबिर अला उद-दीन जगत उज्यारो
[Verse 15]
मेहरवा
मेहरवा रस बूंदां बरसे
मेहरवा रस बूंदां बरसे
बूंदान बरसे
रस बूंदां बरसे
बूंदान बरसे
रस बूंदां बरसे
खाजागां के दरबारां में
खाजागां के दरबारां में
आज देखो घन गरजे
आज देखो घन गरजे
आज देखो घन गरजे
रस बूंदां बरसे
मेहरवा रस बूंदां बरसे
[Verse 16]
खाजा फ़रीद उद-दीन औलिया
क़ुतुब उद-दीन औलिया
खाजा मुईन उद-दीन औलिया
खाजा क़ुतुब उद-दीन औलिया
खाजा मुईन उद-दीन औलिया
खाजा क़ुतुब उद-दीन औलिया
खाजह निजाम उद-दीन
ख़ाजाह नसीर उद-दीन
खाजह निजाम उद-दीन
ख़ाजाह नसीर उद-दीन
आज शुहरह निज़ाम नसीर उद-दीन का
लाल महबूब बना
लाल महबूब बना
लाल महबूब बना
लाल महबूब बना
लाल महबूब बना
निजाम उद-दीन औलिया जग उज्यारो
निजाम उद-दीन औलिया जग उज्यारो
निजाम उद-दीन औलिया जग उज्यारो
निजाम उद-दीन औलिया जग उज्यारो
[Verse 17]
जगत उज्यारो
जगत उज्यारो
जग उज्यारो जगत उज्यारो
जग उज्यारो जगत उज्यारो
जग उज्यारो जगत उज्यारो
जग उज्यारो जगत उज्यारो
जग उज्यारो जगत उज्यारो
जग उज्यारो जगत उज्यारो
तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत
तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत
हम जहान में तिरी तस्वीर लिए फिरते हैं
देखो मैं तो ऐसो रंग
[Verse 18]
महबूब-ए इलाही
मैं तो ऐसो रंग
महबूब-ए इलाही (मैं तो ऐसो रंग)
निजाम उद-दीन औलिया जग उज्यारो
निजाम उद-दीन औलिया जग उज्यारो
जग उज्यारो जगत उज्यारो
जग उज्यारो जगत उज्यारो
वह तो जो मांगे बरसात है री माँ रंग है री
वह तो जो मांगे बरसात है री माँ रंग है री
आज रंग है ए माँ
रंग है री
आज रंग है ए माँ
रंग है री
Written by: Ameer Khusro, Bilal Maqsood, Faisal Kapadia
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...