album cover
Badhte Aage
15
Hip-Hop/Rap
Utwór Badhte Aage został wydany 20 stycznia 2023 przez Art Nagar jako część albumu Badhte Aage - Single
album cover
Data wydania20 stycznia 2023
WytwórniaArt Nagar
JęzykHindi
Melodyjność
Akustyczność
Valence
Taneczność
Energia
BPM95

Teledysk

Teledysk

Kredyty

PERFORMING ARTISTS
Kaam Bhaari
Kaam Bhaari
Performer
Bhaari Beatz
Bhaari Beatz
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Bhaari Beatz
Bhaari Beatz
Composer
Kunal Anand Pandagle
Kunal Anand Pandagle
Songwriter

Tekst Utworu

चलो चलो चलो चलो
काम भारी
तेरा फ़ेवरेट रैपर
आ गए अपन
Let's go
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
उमर सोलह साल किया ग्राइंड करना चालू
मेरे अपने बैठे भूखे और मैं खाना कैसे खालू
मिला दिल को सुकून जब हिप हॉप किया चालू
पहले मुश्किलो को टालू पर अब मुश्किलो को खालू
और जब भी स्याही बही सब कुछ सही कही
और लिखा मैंने कहीं सारी बातें अनकही
इधर सूरज करें बात और तुम बल्ब लाए सामने
ये धंधे वाले कलाकार की कल्पना को थाम्मे
मैं किधर लेके जाऊ मेरे विचारो के पहाड़
बचाना चाहता हूं मैं सारे विचारों के जहाज
ये सितारों का शहर और गरीब मांगे मुराद
जब तक काम नहीं करते तोह मिलेगी कैसे खुराक
मेरी जान लेना चाहे छोड़े एक भी नहीं सुराग
और बताते फिरते सबको के काम भारी बुरा
ये धोखा दिए मेरेको जिनको दिल दिया पूरा
मैंने माफी देके घोप दिया इनके अंदर चुरा
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
ये झूठे चेहरे राज़ गहरे डरा देते मेरको
मुझे अच्छा लगता असली लोग जब सलाह देते मेरको
मुझसे प्यार करने वाले लोग कला देते मेरको
जिनको अच्छा नहीं लगता मैं वो जला देते मेरको
मुझे फर्क नहीं पड़े जो तू जला डाले मेरको
क्योंकि रोज़ मरके ज़िंदा होते दिखूंगा मैं तेरको
जो चाहें मुझको दिल से उनकी बनके बैठा ताक़त
इनकी पार्टी पूरी पोकल और ये देने बैठे भाषण
ये देश जारा पीछे साले महंगा हुआ राशन
तेरा नेचर ठीक नहीं इसलिए खराब हुआ मौसम
और लोगों को तोह चाहिए एकदम मस्त वाला झगड़ा
कौन करता किसको लंगड़ा और कौन तोड़ता किसका जबड़ा
पानी के नल पे इधर मारा मारी चलता
गांजा इलीगल फिर भी हर जगह मिलता
ये गंदगी से भागना चाहू मैं जैसे मिल्खा
जब पता चला कीचड़ में कमल कैसे खिलता
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
तोड़ते धागे रिश्ते नाते
छोड़ के भागे
पर अपन रुकते नहीं
बढ़ते आगे बढ़ते आगे
Written by: Bhaari Beatz, Kunal Anand Pandagle
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...