album cover
Udham
album cover
Utwór Udham został wydany 8 czerwca 2023 przez Gold E jako część albumu Udham - Single
8 czerwca 2023
WytwórniaGold E
JęzykHindi
BPM136
Melodyjność
Akustyczność
Valence
Taneczność
Energia

Teledysk

Teledysk

Tekst Utworu

गोल्डन
बोलना एंड्राइड
खेच दे
क्या हाल-चाल
उधम मचेगा कटेगा बवाल
देख के सारे हैं बोले भोकाल
नोटों की गद्दी पे सिक्कों का भार
खेल जो देखा रुपया निकाल
उधम मचेगा कटेगा बवाल
सबके सर घूमे बस एक ही सवाल
ये बन्दे है गलत चौड़े है अलग
पकड़ दिमाग और कलेजा संभाल
उधम मचेगा कटेगा बवाल
देख के सारे हैं बोले भोकाल
नोटों की गद्दी पे सिक्कों का भार
खेल जो देखा रुपया निकाल
उधम मचेगा कटेगा बवाल
सबके सर घूमे बस एक ही सवाल
ये बन्दे है गलत चौड़े है अलग
पकड़ दिमाग और कलेजा संभाल
जिससे भी मिले रोकना चाहा
मेने और गोल्डन ने बोलै बस सवाह
आग मे डालो तुम ऐसी बातो को
सर्र घुम्मा देंगे फेकेंगे लावा
हमला तोह कर अपन बोलेंगे धावा
मारने पे आये तोह रुकते न बावा
असल बन्दों का हम लेके परचावा
41 की सड़को से सीधा सा दावा
जो देगा निशाना हवा मे वो चुक्के ना
ख़ुशी भी अपनी पर गम भी भूले ना
सीमंता सा राज़ जो कभी भी खुल्ले ना
धरती पे पैर चल आसमान छुले ना
चुल्ल है ना मेरी मे करूँगा पूरी
काम के नाम पे होती ना देरी
कोर्ट मोहल्ला सड़क कचेरी
लोंडो की बात चीत हो राखी कड़ी
सुनो भैया ये दुनिया नचकइया
यहाँ ढेरो ह गवइया
माथे में घूमे पइया
(पहला में पहला में)
पहला में तेरी हु लास्ट मे वेटिंग
तिरंगे का तेज़ में वागले स्पीकिंग
बचके ज़रा हर नाके पे चेकिंग
काम के बाद मुझको चाहिए कटिंग
होता मज़्ज़ा वही
खींच क सजा बड़ी
नीच है दगा खड़ी
नींद से जगा अभी
दोनों ने मिलके करदिया है सवाः
संगीत को सुनके सब बोले है वाह वहा
100 टक्का शब्द दो मे लपेटके
खाजायेंगे तुझको हम बेचके यहाँ
मचेगा मचेगा मचेगा मचेगा
उधम मचेगा कटेगा बवाल
देख के सारे हैं बोले भोकाल
नोटों की गद्दी पे सिक्कों का भार
खेल जो देखा रुपया निकाल
उधम मचेगा कटेगा बवाल
सबके सर घूमे बस एक ही सवाल
ये बन्दे है गलत चौड़े है अलग
पकड़ दिमाग और कलेजा संभाल
झमेला मचेला झाम फाड़ फुल
दिक्कत की लंका मे राम बाढ़ फुल
जनम जात मे हु ज़िंदा दिली से
लेके में चलता हु ताम झाम फुल
देसी अखाडा जब बज्जे नगाड़ा
मिंटो मे सुलटाते सालो का राड़ा
बचपन से सीखा गली का पहाड़ा
उसने बिगाड़ा उसी ने सुधारा
हालत से करलूँगा हाथा और पाई
पड़ेंगे सर पे तोह भाई भाई भाई
बचपन से हरामी बचपन से ऊधमी
बजता गोल्डन तोह जनता भी झूमती
दिक्कत फलांग के लम्बी छलांग
बोले जो फालतू उसको तू तांग
ना कोई सवाल
ना कोई जवाब
देख के सारे है बोले भोकाल
पकड़ दिमाग और कलेजा संभाल
मचेगा बजेगा
सुनेगा नाचेगा
उधम मचेगा कटेगा बवाल
देख के सारे हैं बोले भोकाल
नोटों की गद्दी पे सिक्कों का भार
खेल जो देखा रुपया निकाल
उधम मचेगा कटेगा बवाल
सबके सर घूमे बस एक ही सवाल
ये बन्दे है गलत चौड़े है अलग
पकड़ दिमाग और कलेजा संभाल
उधम मचा
Written by: ANDRO, Gold E

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