album cover
F.G.H.M
307
Disco
Utwór F.G.H.M został wydany 15 lipca 2024 przez Universal Music India Pvt. Ltd. (on behalf of Yashraj) jako część albumu MERI JAAN PEHLE NAACH
album cover
Data wydania15 lipca 2024
WytwórniaUniversal Music India Pvt. Ltd. (on behalf of Yashraj)
LanguageHindi
Melodyjność
Akustyczność
Valence
Taneczność
Energia
BPM153

Kredyty

PERFORMING ARTISTS
Yashraj
Yashraj
Vocals
Laloo
Laloo
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Yashraj
Yashraj
Composer
Laloo
Laloo
Composer
PRODUCTION & ENGINEERING
Yashraj
Yashraj
Recording Engineer
Laloo
Laloo
Producer
Akash Shravan
Akash Shravan
Mastering Engineer

Tekst Utworu

[Intro]
आज तू है
कल कोई और
फिर भी क्यूं बाँधें
तू ऐसी डोर
आज तू है
कल कोई और
फिर भी क्यूं बाँधें
तू ऐसी डोर
फँस गया हूं मैं
फँस गया हूं मैं
[Verse 1]
मैं घूमू ऐसे शहरों में
जहाँ आँखें मिलती गैरों से
और पूछे सारे ठहरोगे कि नहीं
हाँ कहना जो भी कहोगे
जब तू और मैं लहरों से
हम ऊपर नीचे तैरेंगे तोह सही
पूरी बात एक रात की
नाखून और दाँत की
मेरी तीसरी आँख कहती कि
बिगड़े बाप की तू
और पिघले जानके
कि मैं आज थोड़ा बहका हूं
मुझ में जान फूक लाश बनके लेटा हूँ
हाफते हाफते घुट-टे सारे गम
घाव जो छपते नामों से बदन
बाहों में बस होना दफन है
सोना कहा बस खोना है सब
आ चादरों की दीवारें
बादलों पे सवारे
दिन में दिखते तारें
बार बार क्यूं फसा मैं यू ही
सागरों स बहादे
चाहता तुझको गवाने
तू ही मेरे बहाने
बार बार क्यूं फसा मैं यू ही
[Chorus]
फँस गया हूं मैं
(तेरे बालों के जालों में उलझे सवालों में)
फँस गया हूं मैं
देखे मुझे जैसे आंखों से खा लोगे
फँस गया हूं मैं
(तेरे बालों के जालों में उलझे सवालों में)
फँस गया हूं मैं
[Verse 2]
धुआं है या कहीं
लगी है आग सी
है जान दाव पर
तू है मैं हु यही
तोह जाने कहाँ
[Chorus]
फँस गया हूं मैं
(फँस गया हूं मैं फँस गया हूं मैं)
फँस गया हूं मैं
(फँस गया हूं मैं फँस गया हूं मैं)
फँस गया हूं मैं
[Outro]
फँस गया हूं मैं
Written by: Laloo, Yashraj
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