album cover
Mukhatib
1883
Pop
Utwór Mukhatib został wydany 21 lutego 2025 przez Universal Music India Pvt Ltd. jako część albumu Elahi
album cover
AlbumElahi
Data wydania21 lutego 2025
WytwórniaUniversal Music India Pvt Ltd.
JęzykHindi
Melodyjność
Akustyczność
Valence
Taneczność
Energia
BPM168

Kredyty

PERFORMING ARTISTS
Salman Elahi
Salman Elahi
Vocals
COMPOSITION & LYRICS
Salman Elahi
Salman Elahi
Songwriter, Composer, Screenwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Dream Art Records
Dream Art Records
Producer, Mixing Engineer, Mastering Engineer, Recording Engineer

Tekst Utworu

[Verse 1]
क्या कभी ख़ुद से रूबरू हुए
या मुआशरे के रंग में मसरूफ़ ही रहे
देखो ये दुनिया कितनी हसीन
देखो ये दुनिया कितनी हसीन
और तुम भी तोह कुछ कम नहीं
[Verse 2]
ख़ुद से ख़ुद में झाँके वक्त हुआ
नाज़ुक सा दिल तेरा चोटों से सख्त हुआ
ख़ुद से ख़ुद में झाँके वक्त हुआ
नाज़ुक सा दिल तेरा चोटों से सख्त हुआ
है वक्त अभी भी ख़ुद से एक बार मिल
उम्मीद का बग़ीचे में बनके तू फूल खिल
[Verse 3]
दुनिया के तानों से 'गर तू डर गया
होकर भी ज़िंदा तू अंदर से तोह मर गया
दुनिया के तानों से 'गर तू डर गया
होकर भी ज़िंदा तू अंदर से तोह मर गया
है वक्त अभी भी ख़ुद की इक बार सुन
मंज़िल तू अपनी ख़ुद के उसूलों से चुन
[Chorus]
क्या कभी ख़ुद से रूबरू हुए
या मुआशरे के रंग में मसरूफ़ ही रहे
देखो ये दुनिया कितनी हसीन
देखो ये दुनिया कितनी हसीन
और तुम भी तोह कुछ कम नहीं
Written by: Salman Elahi
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...