album cover
Aurat
album cover
Utwór Aurat został wydany 10 stycznia 2020 przez Agsy jako część albumu Aurat - Single
10 stycznia 2020
WytwórniaAgsy
JęzykHindi
BPM95
Melodyjność
Akustyczność
Valence
Taneczność
Energia

Teledysk

Teledysk

Tekst Utworu

कहूँ अब
क्या है सच क्या है झूठ मेरे बारे में
खड़ी हूं यही आके पूछ मेरे बारे में
औरत हूं ये जात मेरी मा ने दी
लोग नखुश थे बात उस ज़माने की
रोती थी कि क्यूं एक गृहस्थी में
मुझको परवाना
और भाई को इजाज़त थी?
हाज़िरी वापस 7 बजे ज़रूरी थी
वो खड़े ताने
कौनसी इज़्ज़त गवा दी मा!?
जाके पूछूंगा
पूछेगा किससे तू?
स्कूलों में चर्चे थे
लड़कों के किस्से सुन
लड़ते थे मरते थे
रोते फिर हँसते थे
देख मुझे
आज मैं ऊपर वो रस्ते पे
पर ना मान आज भी मेरे बयानों का
इतना मैं पढ़ ली पर माथा गंवारों का
इश्क़े समंदर बस औरत घुमाने का
बस चुप वक्त अब औरत उठाने का
ज्वाला हो सीने में
जो औरत के ताने ना दो
आग सी लगन में
बढ़ने दो
बढ़ने बढ़ने
बढ़ने दो
आग सी लगन में
सुन! संपूर्ण
ना ज़रूरत किसी लल्ले की
खुद्दार हु!
इज़्ज़त है मा के प्याले की
करू शक्क
क्योंकि फ़रक मा के सहलाने
और तेरे मतलब से
बहला फुसलाने में
मेरा सच
अब टपके उन सरानों पे
हर लड़की रोए
अब चिपका उन गालों पे
ढोलूँगी मुख मेरा
चढ़ दू चट्टानों पे
क्योंकि जनता मेरी बाप है क्या?
देख मुझे
एक जान चाहे एक चीज़
बड़ी भीड़
ऊपर अपना नाम चले
नीचे प्रजा बड़ी चीज़
मेहनत दिन रात
दे ना मुझे सीख
देख ऊपर
घूरे महाकाली
मेरी जीत
वक्त अब औरत उठानेका
क्या? वक्त अब औरत उठानके
झूठों के पर्दों से
औरत उठानेका. क्या?
क्या? वक्त अब औरत उठानेका
क्या? वक्त अब औरत उठानेका
झूठों के पर्दों से
औरत उठानेका. क्या?
क्या? वक्त अब औरत उठानेका
क्या? वक्त अब औरत उठानेका
क्या? वक्त अब औरत उठानेका
हिपहॉप में औरत उठानेका
थोड़ा डर
औरत उठानेका
Written by: Agrita Dhawan, Agsy
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...