album cover
Gulaab
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R&B/Soul
Utwór Gulaab został wydany 12 grudnia 2025 przez Mass Appeal / Mashooriya Originals jako część albumu Gulaab - Single
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Tekst Utworu

वो लाल साड़ी तेरी, माथे पे बिंदिया
आँखों का तेरा काजल ले जाए निंदिया
तू सजती है, माही, तो देखूँ तेरी राह
वो तेरी चूड़ियाँ करती आवाज़
तरसूँ मैं देखने को परछाई तेरी
करता मैं ख़्वाहिशें
तू अंगणे में आजा
वे माही, दस्तक दे दरवाज़े पे
तू लगती है जैसे गुलाब
ये आँगन मेरा ही खिल-खिल जाए, ayy-ah-ayy
तू अंगणे में आजा
वे माही, दस्तक दे दरवाज़े पे
तू लगती है जैसे गुलाब
ये आँगन मेरा ही खिल-खिल जाए, ayy-ah-ayy
चूड़ी तेरी खण-खण बाजे
ਆਏ ਬਣ-ਠਣ ਸੋਹਣਿਆ
ये चाँद भी ख़फ़ा, दूरी, लागे ना लगन
ਚੋਰੀ ਕੀਤੀ ਜੋ ਅਗਨ ਦਿਲ ਦੀ (ਦਿਲ ਦੀ)
मेरा हाल है बुरा
ਮੇਰੇ ਅੰਗਣੇ 'ਚ ਹੱਥ ਫੜਿਆ
ਤੂੰ ਨੇੜੇ ਆ, ਚਲੇ ਸਨਨ ਖੇੜੇ 'ਚ ਹਵਾ
तेरी अखियों की बूँदों ने कहा
कि रखना क़रीब मुझे तू, पिया
पिया, आ, आ (दरवाज़े पे, दरवाज़े पे)
पिया, आ, आ (दरवाज़े पे)
तू पिया (पिया)
तू अंगणे में आजा
वे माही, दस्तक दे दरवाज़े पे (पिया)
तू लगती है जैसे गुलाब
ये आँगन मेरा ही खिल-खिल जाए, ayy-ah-ayy (तू पिया)
तू अंगणे में आजा
वे माही, दस्तक दे दरवाज़े पे (दरवाज़े पे)
तू लगती है जैसे गुलाब
ये आँगन मेरा ही खिल-खिल जाए, ayy-ah-ayy
(तेरी खण-खण बाजे)
(ਆਏ ਬਣ-ਠਣ ਸੋਹਣਿਆ)
(-दरवाज़े पे, -लागे ना लगन)
(ਚੋਰੀ ਕੀਤੀ ਜੋ ਅਗਨ ਦਿਲ ਦੀ)
तू अंगणे में आजा
वे माही, दस्तक दे दरवाज़े पे (दरवाज़े पे)
तू लगती है जैसे गुलाब
ये आँगन मेरा ही खिल-खिल जाए, ayy-ah-ayy
Written by: Amrit Dash Choudhury, Praagya Nandiwal, Srijjan Chauhan
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