album cover
Lets Talk
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Трек «Lets Talk» вышел в 8 ноября 2024 г. г. на альбоме «{albumName}» (лейбл «KMF Media»)Lets Talk - Single
АльбомLets Talk - Single
8 ноября 2024 г.
ЛейблKMF Media
ЯзыкХинди
BPM89
Мелодичность
Акустичность
Валанс
Танцевальность
Энергия

Видео

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Слова

छोटी उमर से मैं बाहर रहा घर से
लगता था मुझे मेरे सर पे काफी कर्सेस
यहा तक आते आते बहुत स्ट्रॉन्ग हो चुका
पर मैं भी टूटा, तभी लिखु ये वर्सेस
Mere versus me mai
घर से गया दूर
अपना घर ढूँढने
ज़िंदगी का मकसद
सफर ढूंढने
पर मिला ना कोई अपना
और अपनों के ताने मिले
खैर, मुझे लगा यार है वो
मेरे मददगार है वो
ज़रूरत पड़ी मुझे जब सबसे ज्यादा
छोड़ गए पहले जिन्हें कहता था ब्रो
तो आज मेरे यार काफी कम है
खुशी में भी और वही मेरे गम में
पर आज भी शराब को मैं हाथ नहीं लगाता
लिख देता शायरी जब भी बैठा होता गम में
उमर 16 मुझे पहली दफा प्यार हुआ
दिल टूटा फिर मस्तिष्क बीमार हुआ
कई सवाल मुझे खाए जाए अंदर से
शीशे का घर, उसे तोड़ दिया अंदर से
मुझे ना था पता अब रहती किस गली
इस गली से उस गली, मैं ढूंढू हर घड़ी
घड़ी घड़ी तलाश में, मैं लाश बन गया
साँसें तो चलती पर रूह गुमशुदा
गुमशुदगी एक शौक बन गई
तलाश मेरी मौत बन गई
ढूंढने में उसे मुझे बीते ४ साल
सामने जो आई मेरा खौफ बन गई
अब तक था प्यार जो वो खाख हो गया
नफ़रत भी जलकर के रख हो गया
उसने दे दिए भटकते हर सवाल के जवाब
और सुन कर हर बत वो बर्बाद हो गया
बीता एक साल, हुआ दूसरा दस्तक
रियल उसका नाम और वो घुसी घर तक
दिल का मकान उसने करा अपने नाम
खंजर से खुरेदती पर रहती वही अब तक
डेढ़ साल की कहानी वो, कहानियो सी थी
किताब मैं लिखु तो मेज़बानियाँ होंगी
सच जान कर के सरा अब प्यार कैसे कहू
जिससे प्यार करा मैंने वफ़ादार ही ना थी
कहानीकार हुनर उसका झूठ का
हस्ती रही देख दिल मेरा टूट ता
बिन कहे अलविदा वो ज़िंदगी से चल गई
जो गैर बाहों में पड़ी उसे मैं क्या ही ढूंढता
अब सफर में रहें ना ज़्यादा लोग
कुछ दोस्त रहते साथ मेरे घर में
सोच तीसरे परत पे हायरार्की ऑफ नीड्स
अब मुड़ कर देखू ना मैं पीछे उस डगर में
अब काफी एंटी सोशल, घर से बाहर आता नहीं
कम लोगो से मिलू, ज्यादा बातें बताता नहीं
रिश्ते बनाने से भी मुझे लगता है डर काफी
गानों में सच, मैं कहानियां बनाता नहीं
अब रहता खुश, अपने ही बबल में
कम लोग, छोटे से सर्कल में
आज जहाँ पे हूँ कभी एक सपना था
सुनें लाख लोग, लगे होने लगा हु सफल मैं
क्रांति
Written by: Krantiveer, Patang
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