album cover
De Daru
7,164
Bollywood
De Daru was released on November 28, 1986 by Saregama as a part of the album Karma (Original Motion Picture Soundtrack)
album cover
Release DateNovember 28, 1986
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM184

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
Kishore Kumar
Kishore Kumar
Performer
Manhar Udhas
Manhar Udhas
Performer
Mahendra Kapoor
Mahendra Kapoor
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Laxmikant-Pyarelal
Laxmikant-Pyarelal
Composer
Anand Bakshi
Anand Bakshi
Songwriter

Lyrics

सावन का मस्त महीना है
सावन का मस्त महीना है
क्या सागर है, क्या मीना है?
ये पीना भी कोई पीना है?
पीना है, पीना है, पीना है
तो मुंह से लगा के बोतल पीने दे दारू
दे दारू, दे दारू, ऊ, मेरे भैया, दे दारू
दे दारू, दे दारू
मुंह से लगा के बोतल पीने दे दारू
अरे, बड़े दिनों के बाद मिली है ये दारू
हाए, हाए, दे दारू, दे दारू
बड़े दिनों के बाद मिली है ये दारू
अरे होश रहे ना बाकी, साक़ी, दे दारू
दे दारू, दे दारू
(ऊ, मेरे भैया, दे दारू, दे दारू, दे दारू)
बरजु भैया कि (जय)
जब दारू अंदर जाएगी, आहा, हा
जब दारू अंदर जाएगी, गल सच्ची बाहर आएगी
ये अंदर बाहर होने दो
हमें हसने दो, हमें रोने दो
हमें हसने दो, हमें रोने दो
सब भेद-भरम, भरम
सब भेद-भरम खुल जाएंगे
सब कांटे पे तुल जाएंगे
सब भेद-भरम खुल जाएंगे
सब कांटे पे तुल जाएंगे
हम बुरे सही पर अच्छे हैं
क्योंकि हम दिल के सच्चे हैं
(सचे है, सचे हैं, सचे हैं)
अरे, झूठ कहें तो जान हमारी ले दारू
ले दारू, ले दारू
अरे, बड़े दिनों के बाद मिली है ये दारू
(दे दारू, दे दारू, ऊ, मेरे भैया, दे दारू)
जोनी भैया की (जय)
(la, la, la, la-la-la-la, la, la, la-la-la)
(la, la, la, la-la-la-la, la, la, la-la-la)
One peg, two peg, three peg, four peg
Four peg, three peg, two peg, one peg
रि-बा-बा, बा-बा-बा-बब
हम पी कर होश में आए हैं
हाँ, अब हम जोश में आए हैं
पानी में आग मिलाई है
कुछ गर्मी खून में आई है
मस्ती सर चढ़ कर बोलेगी, हरि ओम
अब गोरी घूँघट खोलेगी, अय्या, अम्मा
मस्ती सर चढ़ कर बोलेगी
अब गोरी घूँघट खोलेगी
दो हाथ किसी को पड़े नहीं
हम बड़े दिनों से लड़े नहीं
(अरे, लड़े नहीं, लड़े नहीं, लड़े नहीं)
अरे, आज किसी को मारेंगे पीके दारू
दे दारू, दे दारू
(अरे, बड़े दिनों के बाद मिली है ये दारू)
(दे दारू, दे दारू, ऊ, मेरे भैया, दे दारू)
साहिब, ऊ साहिब, पंछी पिंजरे से छुट गए
सब अपने वादे टूट गए, लो साहब हम से रूठ गए
सा-ग-म-प, ध-प, ध-प, ध-प, ध-प
धा-प, म-प, धा-प, प-म, ग-म-प-म
Ma-ga-re-ga-ma-ga, ga-re-sa-re-ga-re
कुछ ऐसे यहाँ पर बंदे हैं
कुछ ऐसे यहाँ पर बंदे हैं
मुह गोरा, मुह गोरा
मुह गोरा काले धंधे हैं
कुछ ऐसे यहां पर बंदे हैं
गैरों से सौदा करते हैं, अपनों से धोका करते हैं
दुश्मन के खिदमतगारो को, इस देश के सब गदारो को
दुश्मन के खिदमतगारो को, इस देश के सब गदारो को
हम ऐसा सबक सिखाएंगे, वो हमको भूल ना पाएंगे
(पाएंगे, पाएंगे, पाएंगे)
अरे, देता जा, देता जा, दारू पे दारू
दे दारू, दे दारू
अरे, बड़े दिनों के बाद मिली है ये दारू
(दे दारू, दे दारू, ऊ, मेरे भैया, दे दारू)
(दे दारू, दे दारू, ऊ, मेरे भैया, दे दारू)
(दे दारू, दे दारू, दे दारू, दे दारू)
धिन-तना, धिन-तना, धिन-तना, धिन-ता (दे दारू, दे दारू, दे दारू, दे दारू)
किट्टम-किट्टू जी की जय, दे दारू, दे दारू (दे दारू, दे दारू, दे दारू, दे दारू)
ऊ मेरे, किट्टुम, दे दारू, अरे, दे दारू, दे दारू
किट-किट-किट-किट-किट-किट-किट, सा-रे-गा-मा, पा-मा-गा (दे दारू, दे दारू)
किट-किट-किट-किट-किट-किट-किट, प-म, प-म, ग-रे-स (दे दारू, दे दारू)
किटाह्म-किथम-किट, सा-ग-म, प-म-प (दे दारू, दे दारू)
किथम-किथम-कित, ग-म-ग-रे, ग-रे-स (दे दारू, दे दारू)
धा-र-किड-किड-धा, न-द-दिर-दिर-धा (दे दारू, दे दारू)
धा-रा-किड-किड-धा, गिर-किड-गिर-किड-धा (दे दारू, दे दारू)
धा-धा, ना-ना, मा-मा, चा-चा (दे दारू, दे दारू)
कालू, चलु, मारू, तारू, किट्टम-किट्टू कि-(दे दारू)
Written by: Anand Bakshi, Laxmikant-Pyarelal
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