album cover
Zeher
1,096
Hip-Hop/Rap
Zeher was released on March 29, 2019 by IncInk as a part of the album Zeher - Single
album cover
Release DateMarch 29, 2019
LabelIncInk
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM

Lyrics

[Verse 1]
और मैं घुटने पर, दुआ मैं खुशी भेजू
तुझसे तेरा दुख लेकर
ये कशमकश की
ये कशमकश की रश में जीने के मैं ढूंढूं नुस्खे
ना बस में मेरे अब मैं बंदगी के ढूंढूं चस्के
समा तोह लापता है मेरी इसमें क्या खता है?
कमाके मैं जमाके देता दिल से ये वफा है
धमाके कर दु तेरे घर पे बेटा मर्द हु मैं
पर वता, तेरी मा के पग पे सर दू मैं..
[Verse 2]
विषय है ये विष का, अब ज़िंदा कल मर जा
सर चढ़ जाएगा जब तब घर जा
Tu lad ja (ya mar ja)
डसने वाले लाख नाग कुछ तोह अपने साथ साथ हैं
रात रात में जो काटें तुझको
[Verse 3]
तह है ये विष का, अब ज़िंदा कल मर जा
सर चढ़ जाएगा जब तब घर जा
Tu lad ja (ya mar ja)
डसने वाले लाख नाग कुछ तोह अपने साथ साथ हैं
रात रात में जो काटें तुझको
[Verse 4]
तेरे मन के साँप है
तू पापों में, किसी ना किसी के श्रापों में
बहुत ताक़त है
पर अपने करम कभी गलत नहीं
दिमाग थोड़ा सटका है
धर्म कभी गलत नहीं, इंसान किधर सच्चा है?
जलन
[Verse 5]
भाई को भाई से साइको हम है मानते
फिर काए को हम ना जानते? क्यूं?
तेरा मालिक मेरा मालिक, एक है
तू ला कालिक ख़ुद के चेहरे पे पोछ, दे सोच के
ज़हर सी ये बातें
ये लातें, ये खा के , मज़ा लेके किक है
ये वो जो बैड ट्रिप है सज़ा देगी
कुछ मेरी रज़ा लेके बैठे हैं महफिल में
दम ले और बक दे जो है दिल में कह भी दे
[Verse 6]
विषय है ये विष का, अब ज़िंदा कल मर जा
सर चढ़ जाएगा जब तब घर जा
तू लड़ जा या मर जा..
डसने वाले लाख नाग कुछ तोह अपने साथ साथ हैं
रात रात (में जो काटें तुझको)
[Verse 7]
एक सौ एक
[Verse 8]
मैं फिल्में बनाने में माहिर सा था
और किल में विलेन कर के ज़ाहिर सा था
लोगों में
इधर कुआ उधर खाई है
डांसते ये शब्द कैसे फँसते देख भाई है
[Verse 9]
तू मुझको किल कर या बन मेरा दिलबर
ऐ सपने मेरे, मेरे अपनों का तू बिल भर
समंदर में नाव मेरी चल पड़ी
भूखे को भूख लगी
सूरज आया धूप लगी
कुछ तोह कर
सूखे को पानी की प्यास लगी
साँस दबी
मेरी बोले उठ के चल
टूटके बल चकनाचूर
[Verse 10]
सितारे बन्ना चाहें सब हताश हैं
निराश हैं
कोई रब से बोले कुछ भी ना तोह मेरे पास है.
कोई जग से बोले कब से कब तक हमसे रगबत
कोई दाख रस मांगे फिर भी मिलता शरबत
जहाँ पे आहटें हैं राहत है ना मिली रूह को
ये दिल में प्यार है पर चाहत है ना मिली तुमको
तू मेरा दिल ले महफिल ले ये फील ले
ये नगरी मेरी डगरी मेरी तू चिल ले
[Verse 11]
(रात में जो काटें तुझको)
[Verse 12]
तय है ये विष का, अब ज़िंदा कल मर जा
सर चढ़ जाएगा जब तब घर जा
तू लड़ जा या मर जा..
डसने वाले लाख नाग कुछ तोह अपने साथ साथ है
रात रात (में जो काटें तुझको)
[Verse 13]
मैं शून्य था
कल को आज दुनिया का
पापी काम ना किए कभी, कदापि
छाती चौड़ी करके लड़ते थे
हम तोह करते थे जो करना था
कर्म का, खाया अपने फल का ही निवाला और वटाया सबको
चलता बनाया
जो थे खोटे लोग छोटे सोच के
फ*** दे हम उनहीको जो भी सच्चे लगते सोच के
रखते हम उन्हीं को जिनको रखना चाहें फ़ौज में
रक्त कम है, शब्द बम है फूटे तोह
क्षय है
विजय है हमारी हमेशा
विजय है हमारी (हमेशा)
(विजय है हमारी) हमेशा
Peace!
Written by: Kaam Bhaari, Kunal Pandagle, Shikhar Yuvraj Manchanda
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