album cover
Khamakha
album cover
Khamakha was released on January 8, 2020 by Big Bang Records as a part of the album Maghreb - EP
January 8, 2020
LabelBig Bang Records
LanguageHindi
BPM86
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Music Video

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Lyrics

[Verse 1]
Uh
मिसाल है ये ज़माने
करन की ये बीट है
Uh
नवेद असली नाम
नैज़ी सच में ढीठ है
Uh
बहुत है तराने
अपना एक ही गीत है
Uh
[Verse 2]
Uh, uh, uh, uh
कम हँसते रोते ज़्यादा हम हैं
रास्तो पे रास्तो के
सुरक्षित है तू घर पे ना जा
रस्तो पे बच तू बे
आदत है ये आदत है
ये खामखा ये आदत है
हालत है ये हालत है
बनाई हमने हालत है क्या
[Verse 3]
कम हँसते रोते ज़्यादा हम हैं
रास्तो पे रास्तो के
सुरक्षित है तू घर पे ना जा
रस्तो पे बच तू बे
आदत है ये आदत है
ये खामखा ये आदत है
हालत है ये हालत है
बनाई हमने हालत है क्या
[Verse 4]
सबसे अलग थे, अलग थे मसले
राते जागते, मा सुलाती
थपक थपक क, दिन मे थकते
हँसते रोते सिसक सिसक कर
यादें बीती आँसू गिरते
टपक टपक के, बातें फिर भी
सब छुपाते, सब्र के पक्के
मांगे रब से जो है हक़ में
तड़प तड़प के घर से निकलते
साथ रखते सबक के बस्ते
एक गलती भी है काफी
सड़क पे कब्ज़े
लूट ले वो दिन दहाड़े
पलक झपकते
लांघना तू मेरी बस्ती
संभाल संभाल के
[Verse 5]
कम हँसते रोते ज़्यादा हम हैं
रास्तो पे रास्तो के
सुरक्षित है तू घर पे ना जा
रस्तो पे बच तू बे
आदत है ये आदत है
ये खामखा ये आदत है
हालत है ये हालत है
बनाई हमने हालत है क्या
[Verse 6]
कम हँसते रोते ज़्यादा हम हैं
रास्तो पे रास्तो के
सुरक्षित है तू घर पे ना जा
रस्तो पे बच तू बे
आदत है ये आदत है
ये खामखा ये आदत है
हालत है ये हालत है
बनाई हमने हालत है क्या
[Verse 7]
लड़की चलती, रास्ते जब भी
मटक मटक के
तुझको लगता भाव देगी
गलत समझते
उसका हक़ है वैसा चलना
रक्षा करना तेरा फ़र्ज़
जहाँ गलत हो वहां फिर हमतो
भड़कते फट्टे, लेते पंगे
रस्ते तंग है, लफड़े दंगे
थोले सुम्मे करते अंदर गिरते पत्ते
लड़के भिड़ते टूटते फूटते
पड़ते डंडे
चढ़ते सब पे, लपक झपक के
प्यादा प्यादा, राजा राजा
चमक धमक में
बाकी सबको रहना पड़ता
कड़क अदब में
[Verse 8]
कम हँसते रोते ज़्यादा हम हैं
रास्तो पे रास्तो के
सुरक्षित है तू घर पे ना जा
रस्तो पे बच तू बे
आदत है ये आदत है
ये खामखा ये आदत है
हालत है ये हालत है
बनाई हमने हालत है क्या
[Verse 9]
कम हँसते रोते ज़्यादा हम हैं
रास्तो पे रास्तो के
सुरक्षित है तू घर पे ना जा
रस्तो पे बच तू बे
आदत है ये आदत है
ये खामखा ये आदत है
हालत है ये हालत है
बनाई हमने हालत है क्या
[Verse 10]
हाँ, आदत है क्या
ये हालत है क्या
बनाई हमने
रास्तो पे रास्तो के
ग्राहक बाटली में
दो पचास स्कीम है
कम चलंग धीमे
कक्षा आठवीं में
कम हसते रोते ज़्यादा क्या
रास्तो पे रास्तो के
सुरक्षित है तू घर पे ना जा
चल तू आजा, आजा, आजा
Written by: Naved Shaikh
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