album cover
Fate
650
Indian
Fate was released on October 8, 2021 by Kalamkaar as a part of the album Made You Proud
album cover
Release DateOctober 8, 2021
LabelKalamkaar
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM71

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
Deep Kalsi
Deep Kalsi
Performer
Karma
Karma
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Satinderpal Singh
Satinderpal Singh
Songwriter
Gurinderbir Singh
Gurinderbir Singh
Songwriter
Amritpal Singh Dhillon
Amritpal Singh Dhillon
Songwriter
Mohkom Singh Bhangal
Mohkom Singh Bhangal
Songwriter
Ryan Summer
Ryan Summer
Arranger

Lyrics

[Verse 1]
Yeah
देहरादून का मेरा खून
Karma
[Verse 2]
बोले नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे या या
चढ़ा मैं बीट पे करा डिफीट अब बोलते गोट मुझे
नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
अब जब भी मिलते आंखों में दिखता खौफ़ मुझे
[Verse 3]
देखो नसीब से हम कैसे जीते
कैसे आए हम यहां पे बिना चीट के
हमको तने भी मारे बोला गाने बेकार है
देखो सारे के सारे नीचे घसीटे
[Verse 4]
पर मंथ तीन हज़ार की जॉब से मैं पहुंचा बीस हज़ार की जॉब पे
अब शौक मेरे देख के काफी आतिश कुमार भी चौंकते
जो शैखी बघारते भोत थे अब वो बीच बाज़ार में रोकते
साले अजीब गवार से लोग है हम अब भी शीश झुकाके बोलते
[Verse 5]
शो पे कुछ तीस हज़ार से लोग थे
पहले सीधे साधे लगते
अब पच्चीस इलाके खोजते
तभी हम फीस बढ़ाके बोलते येह
[Verse 6]
तुझे बस दिखता है बैग जो पीछे टंगा मैंने लाख का (लाख का)
तुझे पता भी है साले मैं एटीएम का गार्ड था (गार्ड था)
आज भी मैं गार्ड हूँ परिवार का और आर्ट का
कलम बैसाखी बनेगी जब होने लगूंगा मैं साठ का
आज भी याद है मुझे कि मैं क्या हूँ और क्या था
आज भी कभी किसीकी नहीं चाट ता (let's go!)
[Verse 7]
बोले नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
चढ़ा मैं बीट पे करा डिफीट अब बोलते गोट मुझे
नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
अब जब भी मिलते आँखों में दिखता खौफ मुझे
[Verse 8]
फैंस का प्यार ही बहुत है उसपे सवार ब्रेक नहीं मारा
स्टोरीज में खेलते लौंडे सामने एक नहीं आरा
इनके गाने नहीं चल रहे जब तक कलेश नहीं आरा
इतना पॉजिटिव हो गया गेम में टेस्ट नहीं आरा
[Verse 9]
कर्म पे पैसा ही भोत है कर्म तोह वैसे ही गोट है
हुई अभी जय कैसे काल्म रहूँ
काम रहूँगा तोह सीधे मौत है
कुछ बंदो की नीयत में खोट है
कुछ बंदे वसीयत की चोट है
वो बनते है बाप के पैसे पे चौड़े
हम उनके बाप वी टॉट देम
[Verse 10]
मेरे शहर में तेरे जैसे भोत है
तेरे शहर में मेरे जैसा कोई नहीं
बच्चे कमा रहे हक़ से खारे
तेरे शहर में जब आरे
जिसको अपना ना पता हो ऐसा कोई नहीं
[Verse 11]
बोले नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
चढ़ा मैं बीट पे करा डिफीट अब बोलते गोट मुझे
नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
अब जब भी मिलते आंखों में दिखता खौफ़ मुझे
[Verse 12]
दुनिया पैसे के पीछे मेरे पीछे पैसा
दुनिया पैसे के पीछे मेरे पीछे पैसा
दुनिया पैसे के पीछे मेरे पीछे पैसा
दुनिया पैसे के पीछे मेरे पीछे पैसा
[Verse 13]
(दीप कालसी के संगीत पे)
Written by: Amritpal Singh Dhillon, Gurinderbir Singh, Mohkom Singh Bhangal, Satinderpal Singh
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