album cover
Sharaab
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Sharaab was released on July 29, 2022 by Winstinct Artist Services as a part of the album Sharaab - Single
July 29, 2022
LabelWinstinct Artist Services
LanguageHindi
BPM61
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Music Video

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Lyrics

[Verse 1]
काम किया हमने तभी नाम बना ख़ुद
इन्वेस्ट किया टाइम तभी दाम बना ख़ुद
विश्वास रखा ख़ुदपे इनाम बना ख़ुद
नर्क के रास्ते चलके इंसान बना ख़ुद
[Verse 2]
फाइनेंशियली आज़ाद बन गए
ये साले मेमेगिरी करके मज़ाक बन गए
जलते जलते सारे रख बन गए
जो गिराना चाहते हम उन्ही के बाप बन गए
[Verse 3]
और मुझे खौफ़ का नहीं मालूम
और किसी को भी किसीका यहा मौत का नै मालूम
सोच बरकत बड़े हरकत
इतने छोटे मत रख कि किसीको तेरे शौख का नहीं मालूम हाँ
[Verse 4]
कहते करता इतनी मेहनत क्यों साथ आके मज़े ले
क्या करु भाई मेरे शौख भी तोह बड़े हैं
तू संडे पार्टी करके मंडे ऑफिस
मेरा हर दिन लॉसेज़ मेरे हर दिन प्रॉफ़िट्स
तेरे सिर पे बॉस है तेरी आमदनी फिक्स
मुझे करना ख़ुदका तभी सीन किया स्विच
सोर्स मेरे अलग मेरे साथ चले रिस्क
[Verse 5]
रखता मैं सबर हूं अकल से अवल है
भले ही छोटा पर टाइट अपना सर्कल
बस स्कूल में पास करने को किया नकल बे
दिल तेरे साफ तोह ना फर्क पड़े शकल से
फकर से कहता कि ये मेरी लाइफ है
अक्कड़ ना रखता मैं क्योंकि ये लाइफ़ है
कल बैठा चाँद पे आज मिले खाई पे
सुन तोह कहानी समझ तो एडवाइस है
[Verse 6]
ज़िंदगी ख्वाब है ना कोई जवाब है
वक्त के साथ हम बेहतर वो हमको बुलाते शराब है
बुलाते शराब है
सीने में आग है ठंडा दिमाग है
सपनो को पूरा है करना हम तभी तोह रातों को जागे
तभी तोह आगे
[Verse 7]
ज़िंदगी ख्वाब है ना कोई जवाब है
वक्त के साथ हम बेहतर वो हमको बुलाते शराब है
बुलाते शराब है
सीने में आग है ठंडा दिमाग है
सपनो को पूरा है करना हम तभी तोह रातों को जागे
तभी तोह आगे
[Verse 8]
चले अलग रास्ते पे
कलकत्ता शहर से हा चले जिधर चाय सुट्टा नाश्ते पे
दोस्त हर एक क्लास के बे
यह देख के जो ब्रोक लगे नाप देते बिल्स तेरे हाइट के बे
बड़ा गया अब काम है ना
बस शहर नहीं अब देश भर में फैल रहा नाम है ना
सब खुले आम है ना
वॉन्टेड हूं जैसे मेरे सिर पे इनाम है नहीं
[Verse 9]
करता रैप जब से रैप का कोई शो नई था
कलाकारी से जो मिलता ऐसा नोट नई था
सिर्फ प्यार था हिप हॉप के लिए खोट नई था
सुनने वाला बड़ा भाई और कोई दोस्त नहीं था
कहते मैं करता नई रैप टेक्निकल
अपनी ओल्ड स्कूल सोच तभी गया शायद टेक निकल
ये टैक्टिकल अप्रोच ही अलग है
स्किलस की नई कमी यहां पे सोच ही अलग है
[Verse 10]
तेरे गाने बस है पार्टीस और नफरत में बजते
अपने गाने करते हील जब अफसोस ही अलग है
मेरे जाने के बाद भी रहने वाला तेरे साथ
रखना चाहता जैसे गानों में वो सोल ही अलग है
तभी नाज़ है ना ब्रो
अपने ज़िम्मेदारी का मुझे एहसास है ना ब्रो
ऊपरवाले का ये तोहफा अपने पास है ना ब्रो
बिना इसके तोह भाई तेरा लाश है ना ब्रो
[Verse 11]
ज़िंदगी ख्वाब है ना कोई जवाब है
वक्त के साथ हम बेहतर वो हमको बुलाते शराब है
बुलाते शराब है
सीने में आग है ठंडा दिमाग है
सपनो को पूरा है करना हम तभी तोह रातों को जागे
तभी तोह आगे
[Verse 12]
ज़िंदगी ख्वाब है ना कोई जवाब है
वक्त के साथ हम बेहतर वो हमको बुलाते शराब है
बुलाते शराब है
सीने में आग है ठंडा दिमाग है
सपनो को पूरा है करना हम तभी तोह रातों को जागे
तभी तोह आगे
Written by: Jaitay Bhardwaj, Siddhartha Sharma
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