album cover
Zindagi
3,291
Hardcore Rap
Zindagi was released on February 9, 2023 by KALAM INK as a part of the album Zindagi - Single
album cover
Release DateFebruary 9, 2023
LabelKALAM INK
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM72

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
KALAM INK
KALAM INK
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Atul Dobhal
Atul Dobhal
Composer

Lyrics

मैं मेहनत से आया हूँ यहाँ तक
तू रहता बस क़िस्मत को कोसता
जिस भड़वे को "साँप" बुलाता मैं
आज वो, माँ का लौड़ा, पहले दोस्त था
वो बंदी के पीछे बदल गया
मैं भी क्या करता, मैं फँसा था loop में
परसों रात call पे बोला वो, "कहाँ पे?"
मैं बोला, "तेरी माँ की चूत में"
मैं ऐसे नहीं आएला यहाँ तक
माँ से पूछ के कैसे हालात थे
बाप कमाता था जितना
उससे भी ज़्यादा थे भाई के ख़र्चे दवाई के
और आज, देख, पैसा नहीं सँभल रहा
एक था वक़्त जब ख़र्चों से ban थे
आज बुढ़िया की hype तो check कर
सब्जी भी लेने वो जा रही Mustang में
और आज, देख, साड़ी designer है
Ice दिला रखी बेटों ने तक पैरों तक
उस बाप को क्या ही दिला दूँ
वो ख़ुश रहता ख़ुद ही में बेटों को देख कर
ये fact है, flex भी है
चिल्लर भी गिने, आज lakhs भी है
दोनों भाइयों ने बना डाला यहाँ पे empire
तू ख़ाली बस देखता रह
हाँ, दिल रखता साफ़ मैं
कभी भी किसी का बुरा नहीं माँगता
शायद तभी मैं तरक्की छू रेला
लड़का ये हीरा है, ख़ुदा भी जानता
मेरी बंदी का flex तो check कर
बाप की Swift से बंदे की गाड़ी में
ये squad-quad मेरे को नहीं जमता
रे बाबा, तभी बंदी चाहिए साड़ी में
पर आज भी यादें आ जाती हैं आपकी
जब भी मैं तारों को घूरता
तू शायद से रोशनी थी, रे ज़िंदगी
तभी तो अँधेरा दूर था
आज भी रोता मैं रातों को
आज भी गीले होते तेरी यादों से नैन ये
तू दूर है तभी भी चैन है दिल को मेरे
तू जहाँ भी, जैसी भी है, बस वादा कर ध्यान तू रख लेगा
होना है इतना मशहूर कि मेरे जनाज़े पे जहाँ ये निकलेगा
पर तभी भी दिल में ना होगी ये शांति
क्यूँकि एक वो ही नहीं निकलेगा उस दिन
जिसकी वजह से मेरा ये जनाज़ा निकलेगा
अभी भी लिखता हूँ आप पे गाने ये
अभी भी मेरे ये हाथ-पैर काँपते
अभी भी joint है मुँह पे लगा रखा
अभी भी तेरे हम नाम से चीखते
पैसा कमा लिया बहुत
प्यार का भूखा हूँ, प्यार की भीख दे
तू मिलके भी आँखें चुरा लेती मेरे से
साली, तू सच में ही ढीठ है
इस दिल की बात दिल पे नहीं रखता मैं
जो भी हूँ; मुँह पे, मैं मुँह पे हूँ बोलता
तू डर के क्या करेगा, जान-ए-मन
साँप-सा रेंग मत, दुनिया ये नेवला
ये कच्चा चबा डाले तेरे को
ख़ुद ही से घुट रहा, तू कैसा इंसान है
अपनी माँ का ध्यान रख, चूतिए
सुना नहीं तूने, माँ-बाप भगवान हैं
Smoking me herbs and perls
मतलब पे करता ये मतलब के calls
ऐसे से रिश्तों का क्या ही है फ़ायदा
मर जाना पैसों के पीछे इंसान
आज भी ambulance निकलती बगल से
तो मैं हूँ दुआ हूँ करता कि उसको सलामत रख
क्या कोई और करेगा दुआ जब मैं रहेगा वहाँ
या जब मेरा बुरा वक़्त?
Bling-bling करे अब chain से मेरी
और eyes, knees पे ये पसीना freezed है
End तक रहूँ crease पे
मेहनत का बीज रखा हुआ है गांड के बीच में
गानों से पेल दूँ, कला ये ऐसी है
मैंने है छोड़ी जो गद्दी, वो तेरी है
काटूँगा ज़ुबाँ मैं जिससे भी
Beef और शायर हैं हम, जनाब
एक हाथ में कलम और दूजे में कैंची है
ये कला कुछ चीज़ ही ऐसी है
ये कला कुछ चीज़ ही ऐसी है
Yeah, yeah, yeah
मैं मेहनत से आया हूँ यहाँ तक
तू रहता बस क़िस्मत को कोसता
जिस भड़वे को "साँप" बुलाता मैं
आज वो, माँ का लौड़ा, पहले दोस्त था
वो बंदी के पीछे बदल गया
मैं भी क्या करता, मैं फँसा था loop में
परसों रात call पे बोला वो, "कहाँ पे?"
मैं बोला, "तेरी माँ की चूत में"
मैं ऐसे नहीं आएला यहाँ तक
माँ से पूछ के कैसे हालात थे
बाप कमाता था जितना
उससे भी ज़्यादा थे भाई के ख़र्चे दवाई के
और आज, देख, पैसा नहीं सँभल रहा
एक था वक़्त जब ख़र्चों से ban थे
आज बुढ़िया की hype तो check कर
सब्जी भी लेने वो जा रही Mustang में
और आज, देख, साड़ी designer है
Ice दिला रखी बेटों ने तक पैरों तक
उस बाप को क्या ही दिला दूँ
वो ख़ुश रहता ख़ुद ही में बेटों को देख कर
ये fact है, flex भी है
चिल्लर भी गिने, आज lakhs भी है
दोनों भाइयों ने बना डाला यहाँ पे empire
तू ख़ाली बस देखता रह
तू ख़ाली बस देखता रह
तू ख़ाली बस देखता रह
तू ख़ाली बस देखता रह
तू ख़ाली बस देखता रह
Written by: Atul Dobhal
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