album cover
Dilli (feat. Calm)
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Dilli (feat. Calm) was released on May 11, 2023 by Mass Appeal India as a part of the album MEEN
AlbumMEEN
May 11, 2023
LabelMass Appeal India
LanguageHindi
BPM84
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Lyrics

सेज़ ऑन द बीट बॉय
लौंडा दिल्ली का मैं नहीं
फिर भी दिल्ली पूरी जानती है
जानू नाके जानू बत्तियाँ
सड़कें दिल्ली की नाप दी हैं
चलू दिल्ली में जैसे दिल्ली मेरे बाप की है
चलू दिल्ली में जैसे दिल्ली मेरे
घने तीर मारे
खुले भले वीरवार यो बोतल
पीछे तीन चार हैं छोरे खड़े
बॉक्सर हैं कसूते यो बाउंसर ने पटक दे यूँ
बाउंस बाउंस बाउंसर ने पटक दे यूँ
अखाड़े का किम्बो स्लाइस
मेरे लौडे पे तेरे टॉप फाइव
नी रूकी के बस की बॉस फाइट
जब पकड़ुन माइक हूं ऑल माइट
अबे मुझे नी जाना कसोल भाई
हूं क्लब में मैं चप्पल में लगु फ्लाइ
कानों में नाम एक ही गूँजे
तोह शो मी जब पूछे क्या सुनना
तो लौंडे बस स्म दोहराएँ
या करे चैंट पूरी ताकत
तोह रेज करू स्टेज पे ना छूट'ती आदत
मैं घर से दूर तोह बाप बोले
बाकी घरवालों से भी थोड़ा हाल चाल पूछ लिया कर
हूं सही दिशा पर
मैं आया था दिल्ली में दो हज़ार बारह में
करना था रैप था कॉलेज बहाना
मैं शुकरगुज़ार हूं जिसने पहचाना
और जिसने ना माना कभी उन्हें
माफ करू बावे नहीं
काम करू बातें नहीं
ये करे शक़ और नहीं
यहां जले गत्ते कई
हाथ सेकू बैठा सही
यहां खेले सट्टे भाई
यहां खड़े बंदे टाइट
रह खुश पढ़े चाटे नहीं
यार देने वाला लौंडे को चाटे था मैंने रोका
नहीं तोह लाल होते हाथ पैर कई
भरो चाबी नहीं
करू माफ गुस्ताखी नहीं
कौन बोला मैं गाता नहीं
मेरे लुंड पे बज्ज
कोई मेरे जैसा नहीं
शांत रहना आता नहीं पेपर आए गज़ब
है भाई तेरा कमाता बहुत
उड़ाता सब मैं नी देता फ़क ये नी बेटा लक
मेरा पेट आए बाहर हूं मैं खाता सब
है बताता वक्त जो करता रब
जो लिखा था सब ही कहा था सच
मुझको तोह अपनी कला का तब से पता था लक्ष्य
बनाया जब कामयाबी बीट काल्म की थी
मुझे रैप खेल लगे साँप सीढ़ी
दिल्ली साम्राज्य में थी राजनीति
पूरी ताकत गुहार ये क्रांति की
मुझे काम कमाना था
फिर नाम बनाना और दाम बढ़ाना था
जो भी था दिल में साफ़ बताना था
घर पे थे लाने पैसे और था बाप का हाथ बताना
रैपर चबाना
कतु कटाना से काकरोट बन के दिखाना था
लौंडो का पेट भरके मुझे भी खाना था
पोहचा जहाँ सालों से जाना मैं चाहता था
गंदा बंदा पर मासूम लगु चेहरे से
कायरता भी ट्रिप है थोड़ी टाइम लेती संवरने में
दफ़न जितने लालच उसको दिनचर्या में ढलने दे
बतियाने को कुछ नहीं बचा है सब लिख डाला पन्नों पे
सोलह का था बालक पहला शो किया जब दिल्ली में
पता तबसे हम एक जैसे खोखले दोनो अंदर से
पित्र बात करते मेरे ये गानों के ज़रिये से
ये दर्द बने दवा
नशा दारू लाता तकलीफ़ें
तीनों आँखें टिकी मंज़िल पे ही मेरी करके बैठा सारे बंदोबस्त
हाँ ये धंधा पानी बहुत कुत्ती चीज़ है भाई
आके इसमें कभी फँसो मत
उम्मीद पे चलता ये शहर है
गरीबी श्राप तोह उससे तू डरा कर
बातों दवा दर्द लाया छुरी काँटा
साथ गेम करने आया सफाचट
तभी फोटो वोटो लेता नहीं ज़्यादा स्नैप करु बरोबर
था मैं सड़क पर सर्द थी ये दिल्ली
करना सीखा मनूवर
ना मैं हारा कभी मनोबल
पूरी ताकत तेरे लबों पर
हूं मैं जनम से ही कलाकार
मेरी माँ ने दी थी धरोहर
लौंडा दिल्ली का मैं नहीं
फिर भी दिल्ली पूरी जानती है
जानू नाके जानू बत्तियाँ
सड़कें दिल्ली की नाप दी हैं
चलू दिल्ली में जैसे दिल्ली मेरे बाप की है
चलू दिल्ली में जैसे दिल्ली मेरे बाप
घने तीर मारे
खुले भले वीरवार यो बोतल
पीछे तीन चार हैं छोरे खड़े
बॉक्सर हैं कसूते यो बाउंसर ने पटक दे यूँ
बाउंस बाउंस बाउंसर ने पटक दे यूँ
Written by: Akshay Rawat, Sajeel Kapoor, Siddhant Sharma, Yash Chandra

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