album cover
Kavi
775
On Tour
Hip-Hop/Rap
Kavi was released on August 19, 2023 by Azadi Records as a part of the album Lunch Break
album cover
Release DateAugust 19, 2023
LabelAzadi Records
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM109

Credits

PERFORMING ARTISTS
Seedhe Maut
Seedhe Maut
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Siddhant Sharma
Siddhant Sharma
Songwriter
Abhijay Negi
Abhijay Negi
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
BVTMAN
BVTMAN
Producer

Lyrics

समझा क्या तू, जो... (hmph)
समझा क्या तू, जो मैंने लिखा? (जो मैंने लिखा)
तो फिर बता (बोल), मैं कह रहा हूँ क्या?
सुना क्या तू, जो मैंने कहा? (Huh)
समझा क्या तू, कवि कह रहा है क्या? (Shit)
पढ़ा ना तू, जो वो है मेरी ज़बाँ (मेरी ज़बाँ)
तो फिर बता, कवि कह रहा है क्या?
ख़ुद को घसीटा कोने तक, अब खाए हैं असमझस
नहीं पता के पाले में मेरे कुआँ या खाई
है पर उम्मीद है कि पक्का होनी ही है चढ़ाई
इतना तो क्रूर ना होगा ऊपर वाला, की है मेहनत
माँ बोली, "चल चुप कर, सो जा" (uh)
ना माँ, ना कर फ़िकर, नहीं-नहीं
रखूँ ख़ुद का जिगर सही-सही
जगा, कभी बुरी जगह होगा ज़िकर नहीं
झूठ कहा, ज़िकर होगा हर कहीं
जाके ढूँढ़ दवा लेकिन अर्थ नहीं
है किसी ने ख़ूब कहा, "जहाँ होता दर्द नहीं, वहाँ पे है दर्द, दवा"
चाहा कहना मैंने तुझसे है ये कितनी मर्तबा
सुना क्या तू, जो मैंने कहा? (Huh)
समझा क्या तू, कवि कह रहा है क्या?
पढ़ा ना तू, जो वो है मेरी ज़बाँ (मेरी ज़बाँ)
तो फिर बता, कवि कह रहा है क्या?
हाँ, शुरू से हम दोष दें पैसे को बस
मैं माँगूँ कुछ, वो कोसते ख़ुद ही को तब
था क़र्ज़ पर वो बोलते नहीं कभी नहीं
अचानक आ गए road पे गँवा के सब
Unlucky थे कि दोस्त भी चालाक हैं
जो थे, वो सारे लोमड़ी बराबर
पर क्या फ़ायदा रख के दोस्ती बनाकर
जब ये भोसड़ी के भागे, जब हो गोद में एक आफ़त?
अबे, छोड़ दो ये नाटक
हमारे बीच हुआ कुछ ग़लत, है दूरी ज़्यादा चारों के बीच
मैं घिसूँ गाँड ताकि आगे जाके सारे हो ठीक
यहाँ रखूँ खाना लाके table पे, नहीं माँगूँ मैं भीख
ऐसी मानसिक दशा
हूँ hero माँ की आँखों में, मैं Paan Singh, चाचा
यहाँ free में मिले सबक (सबक) लेके छापे सभी रकम (रकम)
पर अमीर होके क्या फ़ायदा, जब कोई साथ नहीं?
समझा क्या तू, जो मैंने कहा? (जो मैंने कहा) (huh)
समझा क्या तू, कवि कह रहा है क्या? (Shit) (ooh)
पढ़ा ना तू (पढ़ा ना तू) जो, वो है मेरी ज़बाँ (वो है मेरी ज़बाँ)
तो फिर बता, कवि कह रहा है क्या?
Written by: Abhijay Negi, Siddhant Sharma
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