album cover
Bhala
album cover
Bhala was released on February 7, 2020 by Vinay Katoch as a part of the album Bhala - Single
February 7, 2020
LabelVinay Katoch
LanguageHindi
BPM151
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy

Lyrics

क्या वो करेगा लेके चढ़ावा
क्या वो करेगा लेके चढ़ावा, सब कुछ त्याग के बैठा कहीं
भक्त नहीं वो भला है ढूँढता, गुन्न देखे, गुन्नगान नहीं
क्या वो करेगा लेके चढ़ावा, सब कुछ त्याग के बैठा कहीं
भक्त नहीं वो भला है ढूँढता, गुन्न देखे, गुन्नगान नहीं
मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी पर करम तराज़ू, धरम वही
भक्त नहीं वो भला है ढूँढता, गुन्न देखे, गुन्नगान नहीं
माला फेरत जुग भया, फेरा ना मन का फेर
करका मनका दरिदे, मन का, मन का फेर)
कबीर कहते हैं
के नहाए-धोए क्या हुआ जो मन का मैल ना जाए
मीन सदा जल में रहे, धोए बास ना जाए
तू मंदिर-मंदिर फिर आया, तू नाम-मंत्र सब जप आया
जीवन में अब भी ना है सुकून, भोले का मन मैं वास नहीं
तू मंदिर-मंदिर फिर आया, तू नाम-मंत्र सब जप आया
जीवन में अब भी ना है सुकून, भोले का मन मैं वास नहीं
क्यों मन-मंदिर तेरा खाली है
क्यूं मन-मंदिर तेरा खाली है, क्यूं खाली ख़ुद में झांक कभी
भक्त नहीं वो भला है ढूँढता, गुन्न देखे, गुन्नगान नहीं
मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी पर करम तराज़ू, धरम वही
भक्त नहीं वो भला है ढूंढता
भोले का ये बस नाम जपे, अरे बन भोले सा कभी मन मेरे
भेद नहीं करता किसी में, इस के सारे अपने जग में
ये भोला है, भंडारी है, इससे पूरी दुनिया प्यारी है
देवों का भी, दानव का भी, इसके मन भेद का भाव नहीं
ये भोला है, भंडारी है, इससे पूरी दुनिया प्यारी है
देवों का भी, दानव का भी, इसके मन भेद का भाव नहीं
श्रद्धा नहीं देखेगा तेरी
श्रद्धा नहीं देखेगा तेरी, जब मन ही तेरा साफ नहीं
भक्त नहीं वो भला है ढूँढता, गुन्न देखे, गुन्नगान नहीं
भोला ध्यान में मगन लगे, नहीं देख रहा, ये सोच नहीं
भक्त नहीं वो भला है ढूँढता, गुन्न देखे, गुन्नगान नहीं
मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी पर करम तराज़ू, धरम वही
भक्त नहीं वो भला है ढूँढता, गुन्न देखे, गुन्नगान नहीं
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
भस्म लगाए, भांग चढ़ाए
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
बीच समाधि, बैठा मौन है
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
बंद है आँखें, देख रहा सब
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
जाने वो कैसा, कैसा कौन है
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
जाने वो कैसा, कैसा, कैसा
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
(भोला-भोला करे, अरे बन कभी भोले सा)
(हो, मेरे मन, बाँवरे मन)
जाने वो कैसा, कैसा कौन
Written by: Vinay Katoch
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