album cover
Far Away
1
Hip-Hop/Rap
Far Away was released on October 10, 2023 by Aliyas Akhoon as a part of the album Far Away - Single
album cover
Release DateOctober 10, 2023
LabelAliyas Akhoon
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM72

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
Aliyas Akhoon
Aliyas Akhoon
Performer
Hanan Ali
Hanan Ali
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Aliyas Akhoon
Aliyas Akhoon
Composer
Hanan Ali
Hanan Ali
Lyrics
Aff Kay
Aff Kay
Arranger
PRODUCTION & ENGINEERING
Aff Kay
Aff Kay
Mixing Engineer
k4pel_beats
k4pel_beats
Producer
Jay Cactus
Jay Cactus
Producer

Lyrics

अब चली ऐ रूठ के ज़िंदगी दूर तो हाथों में धूल ही रही बस
मशहूर हालातो से मिले ख्यालो में मिले अब फ़ासले नए अब
नाम से कई लोग
खास भी कई पर
अर्ज़ का अर्ज़ी काम से नहीं अब
सांस भी आग ये रात में गई कब
साफ़ मिज़ाज और सादगी सही बस
ना जुड़वा अब मिलते जुनून के
बैठे मुंतज़िर अब मिलते सबूत के
नज़ारे टिकाके दो पल के सुकून पे
कितने ही ख्वाबों का हाथों पे खून है
ये किस्से जो निकले कमोशी से
आँसू ऐ आमद जो आती बेहोशी की
बातें ना ज़्यादा ये आदत ना तोड़ी ऐ
टूटे हम ऐसे कि कसर ना छोड़ी है
गलती लिहाज़ और लहजे की
गलती जो वक्त की कदर ना पहले थी
पीछे वो सब अब बदलनी ज़िंदगी
बड़े अब आगे तो ईगो भी फ़ैले गी
ऐसे थे पहले भी, सेहलते जो भी
अब बीटिन सब साफ़ तो बन जाते धोबी
लगे इल्ज़ाम है पैक सी इमेज
पर वादा के मरने के बाद भी कोबे
अंधेरा ही साथ रहा और हुई ना मुझसे भी खास वफा
धाग ही मिले गई नाम पे क्या है रात का ताल्लुक़ भी चाँद से क्या
मुड़ने का वापिस है ज़ाब्टा क्या अब हारे तो होगा इस नाम का क्या
फ़साना साज़ है मेरा इलाज अब होगा क्या कभी भी सामना ना
पहले से सुनी ये बातें जो करते कुछ अलग वो वापिस नहीं आते
बैठे अब नज़रें टिकाके और झूठी है हँसी ये चेहरे बताते
अब गिनते ना पैरों के चले बस मक़सद ए ठहरे अब मंज़िल पे जाके
हम बरसों के हारे जो मिलते खुदा से अब
भड़ते जब आगे बस दिखते मुनफाये
(हाँ)
होता इलाज ना दवा से अड़े तो कैसे जमाना ये गवाह है
दुनिया ही गलत मिज़ाज की वजह है, रखा संभाल के साथ जो चला ऐ
चाहा वो आज तक हाथ ना लगा तो कैसे फिर बने ना जाम की वजह तू
इस शाम से खफा क्यूं, रात के बाद ही बात का मज़ा क्यूं
अब चली है रूठ के ज़िंदगी दूर तोह हाथों में धूल ही रही बस
रहा बेज़ार छोड़ा जो माज़ी में लोगो के चेहरे दिखे है दस
बड़े जो फ़ासले अलग ये रास्ते करने है ख्वाब अब सारे सच
मिलना तोह चाहते है सब पर रहता मैं ख़ुद एक राज़ सा बस
क़फ़स की रातों में बैठा वो शख़्स जिस से डरूं मैं ख़ुद
हेवी एंज़ाइटी पैनिक अटैक में गई है ज़िंदगी रुक
ज़ेहन में कश्मकश सी लिखाई में रहता मैं डट्ट
रह गया दिल ये अकेले जो अहद ए वफा में गया था झुक
(हाँ)
बारिश की बूंदों की तरह अब गिरे सिहाई और दे ये गवाही
कि फसी है ज़िंदगी वही जहाँ से हुए थी पहली तबाही
रुका ना खुदा बे देने मै दर्द ज़रा बे ना टूटे दिल की मिली दवा बे
रहूं अब दुनिया से खफा ही, लड़ूं मैं ख़ुद से खुदकी लड़ाई
(हाँ)
कहना है लाज़मी
दिल में बनी रही है सादगी
कहना तोह चाहती है मुझसे वो आज बे
रहना वो चाहती है मेरे साथ
पर बदला है वक़त और बदले हालात बे
पता था प्यार फैला होता है आरज़ी
बचा लिहाज़ नहीं छोड़ो ये ख्वाब बे
अब देना कोई जवाब नी बातें ये आरज़ी
(याह)
बैठा जो महफिल मै नज़रें झुका के मुंतज़िर रहे उस खुदा के
रोए ये दिल फ़क़त में रहे है आंसू अब सबसे छुपा के
दुआ पे बची है ज़िंदगी रखे अब यही मौत से फ़ासले
टूट के बने जो शायर देते गवाही हैं सारे ही रास्ते
देखा जो फ़लक की तरफ़ तोह टूटे सितारे अब यही बता रहे
क्यूं ज़िंदगी में हुए इतने तमाशे सामने पड़ी हैं अना की लाशें
तराशूँ अपने इन हाथों को सोच के बदल दूँ इनकी लकीरें
रही उम्मीद ना ज़रा भी बहती ना मुझे अब दुनियावी चीज़ें
Written by: Aliyas Akhoon, Hanan Ali
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