album cover
Confession
8,323
Hip-Hop/Rap
Confession was released on November 4, 2023 by Universal Music India Pvt Ltd. as a part of the album Confession - Single
album cover
Release DateNovember 4, 2023
LabelUniversal Music India Pvt Ltd.
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM83

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
Censor
Censor
Vocals
COMPOSITION & LYRICS
Censor
Censor
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Censor
Censor
Recording Engineer
Naman Verma
Naman Verma
Producer

Lyrics

अधूरा प्यार लेके दिल में अपने सो गया
और सपनों में तेरी गोदी पे सर रख रो गया
मुझको एहसास था तू वापिस मुड़ने वाली नी
तोह मेरी रूह पर भी अब हक तेरे उस रब का हो गया
कहते मोहब्बत यहां मिलती किस्मतवालों को
मैं हुईं बदकिस्मत दफ़नादो मेरे सवालों को
कहते मोहबत में ना देखी जाती सूरत
दिल तोड़ने का हक क्यूं दिया तूने हुसन वालो को
आज भी हाँ दोस्त तेरे बारे मुझसे पूछते
वो मेरे फोन में तस्वीरें तेरी ढूंढते
मैं बताया उनको हम दोनों रहते साथ नहीं
वो कहते कर मजक कम तुम सथ लगते खूब थे
[Verse 1]
अब क्या जवाब दूँ फंसा हूँ कश मकश में मैं
तेरी मर्जी या खुदा की थी खुदसे पूछू मैं
जिसकी भी हो मरजी टूटा तो अंदर से ही मैं
सुनके हाँ वो भी रो पड़े महफ़िल में आँसू बरसे हैं
एक दिन मैं जा रहा था काम से बाज़ार में
वो दिखी मुझको हस्ती हुई बैठी उसकी कार में
नज़रें मिली हमारी उस भरे बाज़ार में
उसी दिन बादल रोए देख मुझको उस हाल में
[Verse 2]
अब किसी और के साथ वो घर बसा बैठी है
मेरे दिल से वो दूर किसी और के दिल में रहती है
जो करता होगा उसके जिस्म की नुमाइश रोज़
और मेरे दिल में आग उसकी घर करके बैठी है
पर क्या ही कर सकता हूँ डूबते को किनारा नहीं
ये सच्ची बात है सारी कहानी कोई बनारा नहीं
आई नो मुझपे हँसने वाले भी मिलेंगे बहुत
पर सच मानो मोहोबत में चलता कोई सितारा नई
मैं सच कहूं तो हा अब भी उसके प्यार में
लिखने बैठा हूँ पन्नो पे करके उसका दीदार मैं
घरवालो को छोड़ परवाह किसी की भी नै
सच्ची मोहब्बत उसी से वैसे चेहरे हज़ार हैं
[Verse 3]
अब मेरे ज़हन में कोई भी शोर नई
सुनती वो गाने मेरे रोज़ पर वो करती गौर नहीं
ले गई हसी चुराके मेरी पर वो कोई चोर नई
जिसमें मुकमल हो इश्क ऐसा कोई डोर नई
कोई भी ऐसा डोर नहीं
रिश्तों की डोर छोड़के वो
मुझसे दूर दौड़ गई
मिली वो वापिस नी
शायद दुनिया ये साली गोल नई
दुनिया ये साली गोल नई
मुझपे इल्ज़ाम है
मेरे ज़मीर का ये मुझपे इल्ज़ाम है
खुश है तू दूर होके क्या तुझे आराम है
बोल ना जाने जा क्या अब तुझे आराम है
मुझपे इल्ज़ाम है
मेरे ज़मीर का ये मुझपे इल्ज़ाम है
खुश है तू दूर होके क्या तुझे आराम है
बोल ना जाने जा क्या अब तुझे आराम है
Written by: Censor
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...