album cover
Mayanagri
4
Hip-Hop/Rap
Mayanagri was released on March 21, 2024 by The Dwij Times Studios as a part of the album The Dwij Times
album cover
Release DateMarch 21, 2024
LabelThe Dwij Times Studios
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM80

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
Sunandan Dasgupta
Sunandan Dasgupta
Guitar
COMPOSITION & LYRICS
Dwij Kulkarni
Dwij Kulkarni
Songwriter
Pal Kohli
Pal Kohli
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Dwij Kulkarni
Dwij Kulkarni
Producer
Basant Sharma
Basant Sharma
Engineer

Lyrics

मायानगरी में भी घूमे हम माया के मारे,
ढूंढ के बता दो पैसे गए कहाँ पे सारे
देसी कुत्तो को भी लगते हम ऐसे बेचारे
गिरते, पढ़ते, लड़ते, पहुचे हम जुहू किनारे
मायानगरी में भी घूमे हम माया के मारे,
खोज के बता दो पैसे गए कहाँ पे सारे
देसी कुत्तो को भी लगते हम ऐसे बेचारे
गिरते, पढ़ते, लड़ते, पहुचे हम जुहू किनारे
मायानगरी में भी घूमे हम माया के मारे
है काली रातें तब भी दिखते क्यूं हैं दिन में तारे
टूटे घर को भी लगे है हम क्यूं यूँ सजाने
कभी ना करी जो बातें वो किसी से, बन गए गाने बहाने
दिमाग में विचारों की क्यूं दादर वाली गरदी है
मर्ज़ी से यहां आया, अब ना चलती मेरी मर्ज़ी है
मैं स्मॉल टाउन बॉय फिर क्यों चढ़ी इतनी चर्बी है
पर सपने है बढ़े तोह यहां पे लेने 2-3 घर भी है
शहर की नहीं गलती यहां की हवा में ही घाई है
माया का कुआँ नहीं ये तोह काफी गहरी खाई है
सड़क पे निकलु तोह पहले चेक करु दाई बाई
क्योंकि जीवन मेरे बाल है तोह किस्मत मेरी नाई है
घूरे मुझे सब, जैसे सोबो में हु रिक्शॉ
फकीर आदमी मैं मुझको देदो थोड़ी भिक्षा
था आया मायानगरी पूरी करने अपनी शिक्षा
अब मैं खो चुका हु इतना कि कोई रस्ता भी नहीं दिखता
यहां जो दिखता है वही बिकता
ख़ुदसे पूछू और कितना?
मेरी यही गलती मैं नहीं दिख पाता हूँ इतना
काफी गहरा है ये रिश्ता
मेरा इस शहर से
जब करता हूं मैं बातें
समुद्र की लहर से
वो भी कहती मुझको यही
क्या बैठा तू सहम के
ये मायानगरी बेटा
अलग है हर शहर से
पता नहीं किसकी खोज में,
यहां पे मैं हु ख़ुदको खो रहा
ना लग रहा मन कही पे
ना मुझसे कोई काम हो रहा
भटका हर घड़ी मैं
पागल क्यूं हो रहा मैं थोड़ा थोड़ा
मायानगरी म भी घूमे हम माया के मारे,
ढूंढ के बता दो पैसे गए कहा पे सारे
देसी कुत्तो को भी लगते हम ऐसे बेचारे
गिरते, पढ़ते, लड़ते, पहुचे हम जुहू किनारे
मायानगरी म भी घूमे हम माया के मारे,
ढूंढ के बता दो पैसे गए कहा पे सारे
देसी कुत्तो को भी लगते हम ऐसे बेचारे
गिरते, पढ़ते, लड़ते, पहुचे हम जुहू किनारे
मायाऽऽऽऽऽऽऽऽ
नगरीईईईईईईईईईईईईईईईई
Written by: Dwij Kulkarni, Pal Kohli
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