album cover
BHATAKTA
Alternative Rap
BHATAKTA was released on November 7, 2024 by Waverunnrs as a part of the album N.U.M.B
album cover
AlbumN.U.M.B
Release DateNovember 7, 2024
LabelWaverunnrs
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM75

Credits

PERFORMING ARTISTS
aardicy
aardicy
Performer
Dishant Kumar
Dishant Kumar
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Ritwik Datta Choudhury
Ritwik Datta Choudhury
Songwriter
Dishant Kumar
Dishant Kumar
Songwriter

Lyrics

होंठों पे तेरे है उसका नाम
चूरा ये दिल का ले पूरा थाम
सुधरना मैं चाहूँ
बिखर गया हूं
जिधर भी जाऊ
भटकता मैं यूँही बस
भटकता मैं यूँही बस
भटकता मैं यूँही बस
भटकता मैं यूँही बस
तेरी जगह ले ना पाएगा कोई
मेरी जगह चुरा ले गया
कैसे वो ही
बेहतर है वो ही
तूने ही कहा
मैं हार गया
मुझे रोक रहीं हैं
मेरी ये आदतें
निकल नहीं सकता मैं घर से
क्योंकि मैं निकलूंगा घर से
घुसूंगा सीधे उसके घर में
काटा सर उसका यहां बर्थडे
फूका पड़ा रहता
चुड़ा गला रहता हर डे
रात में निकलता नी घर से
नीचे खड़े लौंडे
लेंगे पकड़ के
लेंगे पकड़ के
लेंगे
सर पकड़ के मारा धड़ के हाँ
तभी तेरा छोटा भाई डरता
उसके लौंडे लग गए
पीछे पूरी रात
लिपटा पड़ा हूं मैं
इस खून की चादर में
लिपटी पड़ी रहती
और की बाहों में
मीठी बातें तेरी
सुन ना ना चाहूँ मैं
तेरी बातें अभी
सुन ना ना चाहूँ मैं
जीता बस तेरे अब
दिल के अफ़सानो पे
तेरी बातें लगे कड़वी
यह
इसलिए दिल में देता नी
जगह
खतम करना चाहूँ
सब कुछ जढ़ से
यहाँ तभी होना चाहता
मैं तबाह
तभी रही तू बेवफ़ा
तभी रही तू बेवफ़ा
अभी बैठा मैं बेपनाह
अभी बैठा मैं बेपनाह
भटकता रहता हाँ
सुधरना मैं चाहूँ
बिखर गया हूं
जिधर भी जाऊ
भटकता मैं यूँही बस
भटकता मैं यूँही बस
भटकता मैं यूँही बस
भटकता मैं यूँही बस
अब मैं जी नी सकता
यहाँ पे भाई
अब मैं जी नी सकता
यहाँ पे भाई
रात भर मुझे
नींद ना आए
सुबह 6:30 की है फ़्लाइट
अब मैं जी नी सकता
यहाँ पे भाई
अब मैं जी नी सकता
यहाँ पे भाई
रात भर मुझे
नींद ना आए
सुबह 6:30 की है फ़्लाइट
अब मैं जी नि सकता
सुबह ४ बजे
बोतल गटकता
गहरे अंधेरे में
गहरा सच खटकता
मैं भटकता
एक समय था जब
तेरे साथ चमकता
अब खुदका ही चेहरा
आईने में देख नि सकता
हाँ मैं देख नि सकता
या देखना नहीं चाहता मैं
ब्रेक नि लगता यहाँ
टेक ले
जोता जला
सुधरना मैं चाहूँ
बिखर गया हूं
जिधर भी जाऊ
भटकता मैं यूँही बस
भटकता मैं यूँही बस
भटकता मैं यूँही बस
आज नि रोक सकता तेरा डर
निकला गाड़ी लेके रात में
बंदे चार हैं
घिस्ते माल हैं
और भी आरे
आज ही साथ में
सच करनी है सारी बातें
देखे तेरे एरिया में
कितने बंदे?
कितने यहां खास हैं?
युह युह
अब मैं जी नी सकता
यहाँ पे भाई
अब मैं जी नी सकता
यहाँ पे भाई
रात भर मुझे
नींद ना आए
सुबह 6:30 की है फ़्लाइट
अब मैं जी नी सकता
यहाँ पे भाई
अब मैं जी नी सकता
यहाँ पे भाई
रात भर मुझे
नींद ना आए
सुबह 6:30 की है फ़्लाइट
रत्ती पड़ी रहती यहां पे
सारी लाइन
खिची पड़ी रहती यहां पे
सारी लाइन
लिमिट तोह तू भी
कर रहा है क्रॉस
रेड-लाइट पे नहीं रुक सकती
गाड़ी भाई
कूटना है पहुंच के
सड़को पे मोस्फिट
बचपन से रॉक से
बंदे यहां
Hot-heads
Aw shit
On my boss shit
ये सुट्टो का धुआ है बहुत सिक
मैं नाश्ते के बाद लड़ा मौत से
मैं नास्तिक हूं
शायद इसलिए फूटी किस्मत
मेरे किस्से हैं खौफ से
I'm on my own
मैं लड़ा फिर मौत से
लड़ा फिर मौत से
लड़ा फिर मौत से
सुधरना मैं चाहूँ
बिखर गया हूं
जिधर भी जाऊ
भटकता मैं यूँही बस
सुधरना मैं चाहूँ
बिखर गया हूं
जिधर भी जाऊ
भटकता मैं यूँही बस
Written by: Dishant Kumar, Ritwik Datta Choudhury
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