album cover
Zubaida
1,438
On Tour
Hip-Hop/Rap
Zubaida was released on May 15, 2023 by Nanku x Natiq as a part of the album Naharpur Prints
album cover
Release DateMay 15, 2023
LabelNanku x Natiq
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM

Credits

PERFORMING ARTISTS
Nanku
Nanku
Performer
Natiq
Natiq
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Natiq
Natiq
Songwriter
Udbhav Acharya
Udbhav Acharya
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Natiq
Natiq
Producer

Lyrics

बेचारा, दिल बेचारा
तुझसे कर कोप नी पारा
कोई चांस, ना स्कोप, ना चारा
मुझसे तेरे लिए खत लिखवा रहा
बेचारा, दिल बेचारा
कुछ दिनो से मेरे हाथ नि आरा
कोई चांस, ना स्कोप, ना चारा
ऐंवें अपना घमंड घिसवा रा
ऐसा भी होता है?
कपिड भी रोता है?
सोचू तेरे बारे में तोह सीने में कुछ होता है
ना कोई समझौता है, ना मेरा दिल इकलौता है
उतार कर बात करो पहना तुमने जो मुखौटा है
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
वॉचू नो, किया तुमने कैसा
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
मारे अखियों से लुक तू ऐसा
ना शौहरत, ना पैसा
कुछ भी नहीं तेरे हुस्न जैसा
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
वॉचू नो, किया तुमने कैसा?
हवाओं में आज
कुछ बहुत ही गलत है
मेरा जी घबराए
जैसे जैसे आरी रात निकट है
अकेली है क्या तू?
क्या मैं घर आ सकता हूं?
आराम से बिठा के तुझे स्क्रीनशॉट्स दिखा सकता हूं?
ऐसा भी होता है?
क्या मर्द भी रोता है?
सोचू तेरे बारे में तोह
छाती में कुछ होता है
ना कोई समझौता है बस
सच कहने का मौका है
उतार कर बात करो पहना तुमने जो मुखौटा है
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
वॉचू नो, किया तुमने कैसा
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
मारे अखियों से लुक तू ऐसा
ना शौहरत, ना पैसा
कुछ भी नहीं तेरे हुस्न जैसा
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
वॉचू नो, किया तुमने कैसा?
अक्सर आवाज़ों में
स्कैटर्ड अल्फ़ाज़ों में
क्या लगता, किसके बारे में लिखता मैं इन गानों में?
कैसी असमंजस है
क्या ये सब संभव है?
तेरे इर्द गिर्द बना रखा मैंने लाइफ का मतलब है
दे पाता वक्त इसे थोड़ा और तो मेबी ना ऐसा होता
हो जाता वैसे के बदले कुछ ऐसा तो क्या जाने कैसा होता
शायद हम पागल हैं
बचपन से घायल हैं
आई फकिन' हेट इट जब बिन पूछे बरसें ये बादल हैं
सरदीली रातों में
गंभीर सी बातों में
मिल जाते हम, ना देख सको तुम मुझे मेरी आंखों में
कैसा अब रोना है?
क्या पाना क्या खोना है?
साढ़े आठ का था मैं समझ लिया जब जो होना है वो होना है
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
वॉचू नो, किया तुमने कैसा
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
मारे अखियों से लुक तू ऐसा
ना शौहरत, ना पैसा
कुछ भी नहीं तेरे हुस्न जैसा
ज़ुबैदा, ज़ुबैदा
वॉचू नो, किया तुमने कैसा
Sigh
साले, तूने भी तोह किया है इतनो पे चीट
अब पता चला कैसा लगता है?
तेरा कर्म बैलेंस हुआ है, और कुछ नहीं है ये
चल, कोई नी
At least you took the song well
ध्यान रखना
Take a deep breath
And say bless
Written by: Natiq, Udbhav Acharya
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