album cover
Sheesha
4
Contemporary R&B
Sheesha was released on January 1, 2025 by Muheet Khan as a part of the album Winter
album cover
AlbumWinter
Release DateJanuary 1, 2025
LabelMuheet Khan
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM70

Credits

PERFORMING ARTISTS
Muheet Khan
Muheet Khan
Performer
Illuminhadi
Illuminhadi
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Muheet Khan
Muheet Khan
Composer
PRODUCTION & ENGINEERING
Illuminhadi
Illuminhadi
Producer

Lyrics

सज़ा मिले
खोजता
सज़ा बने
(ना दिखे)
खोजता (खोजता)
चेहरा तेरा शीशों की दरारों में
टूट ता क्यूं (टूट ता)
शीशा जो दिखाए हुस्न तेरा
क्यूं पनाह मिले
यादों में तेरी मुझे पनाह मिलें
कहते बेतुकी बातों को जाने दे
इनको क्या खबर आँखों से क्या दिखे मेरी
क्यूं सज़ा मिले
तेरे हुस्न की नुमाइश
क्यूं सज़ा बने
रखू सबसे छुपाके
कोई ना देखे
हुस्न शीशे में जो लादे यूँ दरार ये
वापिस आजा, हम आजा, हम आजा
शीशे में दिखा जो हुस्न अधूरा रह गया
वापिस आजा, नी आजा, नी आ
छुपाके रखूँगा मैं दुनिया से
तुझे इस दफा
फ़िज़ा में ये महकती तेरी खुशबू
पास बुलाए
दूर जाके फिर भी तेरी तस्वीर पास बुलाए
रूठता
मन मेरा जब शीशे में तू ना दिखे
ढूंढता क्यूं
शीशे में वो हुस्न के नज़ारे
क्यूं फना करे
हुस्न के नज़ारे क्यूं फ़ना करे
कोई तोह वजह होगी जो ना दिखे
इनको हुस्न के नज़ारे जो सिर्फ़ आँखें देखे मेरी
क्यूं खफा रहे
तेरा दिल मुझसे ये
क्यूं खफा रहे
आए थोड़ा भी यकीन तोह
हाथ थमले
तुझे लेके चलू दुनिया के पार में
वापिस आजा, हम आजा, हम आजा
शीशे में दिखा जो हुस्न अधूरा रह गया
वापिस आजा, नी आजा, नी आ
छुपाके रखूँगा मैं दुनिया से
तुझे इस दफा
फ़िज़ा में ये महकती तेरी खुशबू
पास बुलाए
दूर जाके फिर भी तेरी तस्वीर पास बुलाए
Written by: Muheet Khan
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