album cover
ZINDAGI
190
Hip-Hop/Rap
ZINDAGI was released on January 24, 2025 by Aura Music Distribution as a part of the album ZINDAGI - Single
album cover
Release DateJanuary 24, 2025
LabelAura Music Distribution
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM80

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
SADAKAT ALI
SADAKAT ALI
Performer
COMPOSITION & LYRICS
SADAKAT ALI
SADAKAT ALI
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Gideon Beats
Gideon Beats
Producer

Lyrics

क्या देगा कोई साथ जब मैं बोलूंगा अकेला हूं
क्या मौत की है रात या मैं मरने वाला पहला हूं
क्या सुनेगा कोई गौर में जो भी बातें कहता हूं
क्या बोलेगा कोई ज़ोर से मैं उसके दिल में रहता हूं
यही थी क्या ज़िंदगी क्या यहीं तक का सफर था
थका हारा जिया में तोह यही मेरा सबर था
पूछा मुझसे किसीने तू मौत से क्यूं डरता नहीं
डरता कैसे मौत से जब हाथ मेरे कफन था
ज़िंदगी बस कुछ नहीं ये ज़िंदगी तमाशा है
जो ज़िंदगी में खुश नहीं वो मौत को ही चाहता है
जीते जी तोह कुछ नहीं है जिसको अपना बोलदूँ मैं
मरूंगा तब बोलूंगा मैं कि ये मेरा जनाज़ा है
मरुंगा मैं खुशी से और मरुंगा मैं कहते हुए
खुशी कभी मिली नहीं है ज़िंदगी में रहते हुए
मांगा नहीं ज़्यादा कभी आज तुझसे मांगता पर
खुदा मुझे मौत देना मेरी मा के जीते हुए
मय्यत पर जो आएगा उस दोस्त को सलाम मेरा
पढ़ना मेरी शायरी और लिखा हुआ कलाम मेरा
तमाशा ये देख कर आँसू उसके रुकेंगी नी
तुझसे ये गुज़ारिश है कि माँ को तू संभाल लेना
सुनना मेरी शायरी और सुनना तुम कलम मेरा
जीते के कोई पूछता नहीं कैसा है अब हाल मेरा
दिल भी बहुत दुखा है पर दिल कभी दुखाया नहीं
लिखा मेने दर्दो को और यही है कमाल मेरा
हर किसीको मिलती नहीं ये मोहब्बत ही ऐसी है
जो मिल जाती ये सबको तोह फिर मोहब्बत ही कैसी है
छोड़दे मोहब्बत को जो पानी तुझे मंज़िल है
ये मंज़िल और मोहब्बत दोनों एक जगह नि रहती है
तेरी यादों का वो साया मेरे कमरे में ही घूमता है
पास मेरे आता है वो पर ना मुझे चूमता है
कित्ती दफा बोला उसको पर ना मेरी सुनता है
मेरे अंदर अब भी वो तोह आशिक़ तेरा ढूंढता है
यही थी क्या ज़िंदगी क्या यहीं तक का सफर था
थका हारा जिया में तोह यही मेरा सबर था
पूछा मुझसे किसीने तू मौत क्यूं डरता नहीं
डरता कैसे मौत से जब हाथ मेरे कफन था
डरता नहीं मौत से मैं डरता उसकी आंखों से था
इतना भी ना प्यारा था वो प्यारा मेरी बातों से था
ज़्यादा नि मलाल उसको मेरी इस जुदाई का
तोड़ा उसने रिश्ता भी ये अपने प्यारे हाथों से था
सहलेता हूं गम सारे तेरा सहा जाता नहीं
होती जिसे वफा असल दूजा कोई भाता नहीं
तुझसे अच्छा दर्द तेरा दिल से मेरे जाता नहीं
सोना मैंने छोड़ दिया जब ख्वाबों में तू आता नहीं
रो भी नहीं सकता मैं तोह सिर पर ज़िम्मेदारी है
हँसती हुई सूरत तोह अब महज़ अदाकारी है
दगा देकर सबने मुझे किनारे पर फेंका था
जो अब तक मेरे साथ है वो बस ये कलाकारी है
देखा है किनारे को और देखी मेने लहरे भी
और गाया ऐसे दर्दों को सुने मुझे बहरे भी
मत होना हैरान पर ये मेरी एक सचाई है कि
रोता हूँ मैं बहुत फिर भी आँसू मेरे बहते नहीं
बहते नहीं आँसू शायद आँखें मेरी जानती है
बेह गई जो आँखें तोह फिर कौन इन्हें पूछेगा
कहता नहीं मुंह से पर ये माँ भी मेरी मानती है
लड़का इतना गुमो है खुदी खुदको खोदेगा
थक चुका हूं लिखकर शायद आगे नहीं लिखूंगा
फरक किसको पड़ता है मैं लिखूंगा या दिखूंगा
दिल से मुझे सुनते हो करदेना तुम माफ मुझे
ये आखिरी है गाना शायद आगे नहीं दिखूंगा
Written by: SADAKAT ALI
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...