album cover
Do Guna
2,004
Hip-Hop
Do Guna was released on July 17, 2020 by Azadi Records as a part of the album Do Guna - Single
album cover
Release DateJuly 17, 2020
LabelAzadi Records
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM75

Credits

PERFORMING ARTISTS
Seedhe Maut
Seedhe Maut
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Siddhant Sharma
Siddhant Sharma
Songwriter
Abhijay Negi
Abhijay Negi
Lyrics
PRODUCTION & ENGINEERING
Tanmay Saxena
Tanmay Saxena
Mixing Engineer

Lyrics

हाँ पहले सही था सब
अब दो गुना धूप, दो गुनी खाज
दो गुना स्ट्रेस, दो गुना राज़
दो गुना डिप्रेस्ड, हुआ आभास
पहले सही था सब
अब दोगले दोस्त, दो गुना साँप
दो गुनी जान, दो गुना पाप
दो गुने दोष पे तेगुना श्राप
पहले सही था सब
अब दो गुना दर्द, दो गुना ज़ुर्म
सौ गुना गिल्ट पे दो गुनी शर्म
एक लौता करम, वोह भी कुकर्म
पहले सही था सब
अब दो गुना धूप, दो गुनी खाज
दो गुना स्ट्रेस, दो गुना राज़
दो गुना डिप्रेस्ड, हुआ आभास
अब जाके पड़ा मालूम, हूं मैं नहीं अच्छा इंसान
खुदगर्जी में होके च*त्या, आक्रोश अपनों पे ही जैसे हूं मैं किम जोंग
दो साल पहले लगता था हूं किंग कोंग
अब है इंपोस्टर सिंड्रोम
वह करती है प्यार, लेकिन हूं मैं साला फ़्रॉड हर दिन तोह
है रो है, एक सेकंड वो
मुझको माफ़ी दे
बन नहीं पाया लायक तेरे मैं
मुझको फांसी दे
दिया दर्द, तोड़ा दिल, शरम नहीं आती है
बनी लश आगे मेरे तू, अब क्या बाकी है
आजा खोंप दे आके छूरी मेरी नाबी पे
आप मुझे हक़ से, हँस के, चस्का मारके मुह पे कैमरा रख के बोले, हँस दो
मैं हंस दूँ कैसे, हर समय, अगर हर जगह पे दस तरह के कष्ट हैं
पर एक कष्ट में डूबके, बदले मूड जब, असली भूत जो सर पे हावी दोस्त हो
अभी बदले रुख, हम अग्निपथ पे नंगे पाओं भी भागके पहुँचे ख़ुद यहाँ
ना पढ़ा ज़्यादा विज्ञान, समझ रहा है?
और जो पढ़ा, मुझे ख़ुद कुछ याद ना है
है पता कहां से मिली मुझे बुद्धि, लगी लगन आँखें खुली
लेकिन दफन हो गयीं भावनाएँ
कर गलत वक्त से सामना
है करा शुरू जबसे भागना
कभी आँख बंद करते ही सो जाओ
चाहूँ एक दिन हँसके जागना
हाँ पहले सही था सब
हाँ पहले सही था सब
अब दो गुना धूप, दो गुनी खाज
दो गुना स्ट्रेस, दो गुना राज़
दो गुना डिप्रेस्ड, हुआ आभास
पहले सही था सब
अब दोगले दोस्त, दो गुना साँप
दो गुनी जान, दो गुना पाप
दो गुने दोष पे तेगुना श्राप
पहले सही था सब
अब दो गुना दर्द, दो गुना ज़ुर्म
सौ गुना गिल्ट पे दो गुनी शर्म
एक लौता करम, वोह भी कुकर्म
पहले सही था सब
अब दो गुना धूप, दो गुनी खाज
दो गुना स्ट्रेस, दो गुना राज़
दो गुना डिप्रेस्ड, हुआ आभास
Written by: Abhijay Negi, Siddhant Sharma
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